मध्यप्रदेश

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आईपीएस एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों को दी आचरण और भाषा संयमित और मर्यादित रखने की सलाह, प्रीतम लोधी पर कार्रवाई की मांग

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भोपाल। पांच लोगों को कार से टक्कर मारकर घायल करने वाले पुत्र के समर्थन में उतरे विधायक प्रीतम लोधी द्वारा करैरा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज भारतीय पुलिस सेवा संघ (आईपीएस एसोसिएशन) ने प्रेस नोट जारी कर विधायक प्रीतम लोधी सहित जन प्रतिनिधियों को आचरण और भाषा संयमित और मार्यादित रखने की सलाह दी है। 

भारतीय पुलिस सेवा संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष चंचल शेखर द्वारा मंगलवार को जारी प्रेसनोट में लिखा है, कि पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा करैरा एसडीओपी आईपीएस आयुष जाखड़ के संबंध में मीडिया में वायरल वीडियो में जिस प्रकार की अभद्र, अमार्यादित एवं धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया है। वह अत्यंत निंदनीय एवं सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत है।

उक्त वीडियो में डॉ. आयुष जाखड़ नव नियुक्त पुलिस अधिकारी एवं उनके परिवार के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियां तथा दी गई धमकियां पूर्णत: अमर्यादित एवं अशोभनीय हैं। यह आचरण एक जनप्रतिनिधि के पद की मार्यादा के विपरीत है तथा इससे प्रशासनिक तंत्र एवं समस्त अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़त है।पत्र में आगे लिखा गया है, ‘जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आचरण एवं भाषा को संयमित और मार्यादित रखें। इस प्रकार की अमर्यादित भाषा एवं धमकीपूर्ण व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है और यह प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता को आहत करता है। मध्यप्रदेश भारतीय पुलिस सेवा संघ इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है एवं उचित कार्रवाई की मांग करता है। 

सिविल सेवा दिवस पर यह दुर्भाग्यपूर्ण संयोग 

अंत में लिखा गया है कि आज बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण संयोग है कि आज सिविल सर्विस दिवस के दिन ही एक सिविल सेवा के अधिकारी के साथ किए गए इस तरह के व्यवहार के संबंध में यह नोट जारी करना पड़ रहा है।  

लोधी को फिर से तलब कर सकता है पार्टी नेतृत्व

राहगीरों को जानबूझकर टक्कर मारने वाले पुत्र के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई से परेशान विधायक लोधी द्वारा एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ के विरुद्ध की गई अमार्यादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश नेतृत्व विधायक लोधी को तलब कर सकता है। उल्लेखनीय है कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले अगस्त 2022 में भी प्रीतम लोधी ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और ब्राह्मणों के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उस समय भाजपा ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के प्रयासों से उनकी भाजपा में पुन: वापसी हुई और पिछोर विधानसभा से टिकट भी मिला। इसके बाद अप्रैल 2024 में वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस के कार्यक्रम में शिवपुरी के तत्कालीन एसपी अमन सिंह राठौर सहित अधिकारियों को चुनौती देने पर भी उन्हें पार्टी नेतृत्व ने भोपाल तलब किया था। बार-बार चेतावनी के बाद भी लोधी विवादित बयानों से पार्टी नेतृत्व को चुनौती देते रहे हैं।