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मध्यप्रदेश
नीट यूजी-2026 परीक्षा- डीजीपी के निर्देश:नकल और पेपरलीक गिरोहों पर सायबर कमांडों रखेंगे नजर
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- मप्र के 283 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 1.18 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
भोपाल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश (नीट यूजी-2026) लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील परीक्षा है, इसलिए इसकी प्रत्येक प्रक्रिया त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं सुरक्षित होनी चाहिए। सभी परीक्षा केंद्रों, स्ट्रॉन्ग रूम एवं परीक्षा कक्षों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखें। सीमावर्ती जिलों में अन्य राज्यों से संभावित पेपर लीक अथवा संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।चंबल रेंज सहित संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाए। परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन ग्रुप्स एवं डिजिटल माध्यमों पर पेपर लीक, अफवाह या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके लिए साइबर कमांडो एवं साइबर सेल की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी। 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली नीट यूजी परीक्षा को लेकर इस तरह के निर्देश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली गई बैठक में दिए।
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर आने वाले परीक्षार्थीयों की चेकिंग के लिए एचएचएमडी/मेटल डिटेक्टर भी पर्याप्त संख्या में रहें और परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए तथा परीक्षार्थियों के आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
परीक्षा के हर चरण पर रखी जाए सतत निगरानी
श्री मकवाना ने प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र तक लाने तथा परीक्षा के बाद ओएमआर शीट एवं अन्य परीक्षा सामग्री की सुरक्षित वापसी तक प्रत्येक चरण पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। बैंक, पोस्ट ऑफिस, स्ट्रॉन्ग रूम एवं परीक्षा केंद्रों के मध्य सामग्री परिवहन के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाए तथा वाहनों की निगरानी डैशकैम एवं निर्धारित रूट मॉनिटरिंग से की जाए। बैठक से जुड़े प्रभारी ए.सी.एस. (गृह) के.सी. गुप्ता तथा सचिव, गृह विभाग श्रीमती कृष्णावेणी देशावातु ने भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
पुलिस टारगेट पर रहेंगे नकल गिरोह और संदिग्ध कोचिंग नेटवर्क
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए.साई मनोहर ने बताया कि संवेदनशील एवं अधिक संवेदनशील केंद्रों की अलग सूची तैयार कर विशेष निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा से 72 घंटे पहले कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।आदतन अपराधियों, नकल गिरोह, संदिग्ध कोचिंग नेटवर्क एवं डिजिटल फ्रॉड से जुड़े तत्वों पर विशेष और सतत निगरानी रखी जाएगी।
38 प्रशिक्षित सायबर कमांडों करेंगे विशेष निगरानी
बैठक में बताया गया कि नेट यूजी परीक्षा के लिए राज्य के 38 साइबर कमांडो विशेष रूप से तैयार किए गए हैं, जिन्हें परीक्षा दिवस से पहले प्रशिक्षण देकर तैनात किया जाएगा। ये कमांडो नेटवर्क सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, एसओपी अनुपालन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर नियंत्रण तथा संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग का काम करेंगे। उप पुलिस महानिरीक्षक तरूण नायक ने बताया कि परीक्षा मध्यप्रदेश के 30 शहरों में कुल 283 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें लगभग 1.18 लाख अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इंदौर में सर्वाधिक 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसटीएफ) डी. श्रीनिवास वर्मा, पीएसओ टू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी मलय जैन, पुलिस अधीक्षक एटीएस प्रणय नागवंशी, एवं एआईजी श्रीमती विनीता मालवीय उपस्थित रहे।
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