राजधानी

Image Alt Text

मप्र विधानसभा का विशेष सत्र आज, सदन में सक्रिय नजर आएंगी महिला विधायक, दीर्घा में दिखेंगी महिला जनप्रतिनिधि

राजधानी

भोपाल। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने के लिए लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन’ (संशोधन) विधेयक के समर्थन में मप्र विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल, सोमवार को होगा। सत्र को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही एक दूसरे को घेरने की तैयार की है। 

33 प्रतिशत महिला आरक्षण का मामला चूंकि महिला जनप्रतिनिधियों से जुड़ा है। इसलिए भाजपा विधायक दल की ओर से सदन में महिला विधायकों को ही बोलने का अधिक अवसर दिया जाएगा। महिला विधायक सदन में न केवल इस विधेयक के पक्ष में बात रखेंगी, बल्कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के विरोध में वोट किए जाने के कारण महिला आरक्षण लागू नहीं हो पाने की बात भी जोर-शोर से उठाएंगी। मध्यप्रदेश सहित देशभर में पंचायत से लेकर लोकसभा तक महिलाओं को अधिक अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भाजपा नेतृत्व के प्रयासों को भी विशेष रूप से उभारा जाएगा। 

विधानसभा की दीर्धा में दिखेंगी महिला शक्ति 

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा में पुरुषों से अधिक महिलाएं नजर आएंगी। भाजपा की ओर से सत्र के लिए कई महिला जनप्रतिनिधियों को संदेश भेजा गया है। इसमें प्रदेशभर से महिला महापौर, जिला एवं जनपद अध्यक्ष और महिला सरपंच भी आ सकती हैं। इसके लिए पार्टी के विधायकों की ओर से उन पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को प्रवेश पत्र दिलाए जाएंगे, जो महिला आरक्षण पर मजबूती से अपनी बात रख सकती हैं। 

विधायक दल की बैठक में कांग्रेस आज बनाएगी रणनीति 

33 प्रतिशत महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दल कांग्रेस भी रणनीति बनाने में जुटी है। सोमवार को सत्र से पहले सुबह 9 बजे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें पार्टी के सभी विधायकों को बुलाया गया है । इस बैठक में कांग्रेस 543 सीटों पर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत अथवा उससे अधिक आरक्षण देने पर सहमति व्यक्त करेगी। इससे पहले महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के पक्ष में कांग्रेस विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन करने की तैयारी में है।