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Sawan 2024: भगवान शिव को प्रिय है पंचामृत, सावन में करें भोलेनाथ का अभिषेक, होंगे प्रसन्न

आध्यात्म

पंचामृत पांच पवित्र चीजों से बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का इस्तेमाल किया जाता है। इसका प्रयोग भगवान के अभिषेक के लिए होता है। इस माह में भक्त भगवान शिव का अभिषेक पंचामृत से करते हैं। यह भोलेनाथ को बहुत पसंद होता है।

कहा जाता है कि इस दिन पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने से काम, क्रोध, मोह, अहंकार और लोभ जैसे विकारों से मुक्ति मिलती है। आइए, जानते हैं कि सावन के महीने में ही भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करने का क्या महत्व है।

 

चंद्रमा से जुड़ी हैं पंचामृत की चीजें

पंचामृत दूध, दही, शक्कर जैसी सफेद वस्तुओं से मिलकर बनता है, जो कि चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करती हैं। जब चंद्र प्रधान चीजों से शिवलिंग को स्नान कराया जाता है, तो व्यक्ति के अंदर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होने लगती है।

साथ ही पंचामृत में उपयोग होने वाली चीजों से शुभ ऊर्जा निकलती है। इस माह में रुद्राभिषेक का सर्वाधिक महत्व माना जाता है। सावन सोमवार के दिन सच्चे मन से लोग भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

 

पंचामृत से अभिषेक का महत्व

पंचामृत दूध, दही, शहद, घी और शक्कर इन पांच चीजों से मिलकर बना होता है। पंचामृत से अभिषेक करने के लिए सबसे पहले भगवान शिव पर जल अर्पण करें और उसके बाद दूध, दही, शहद और शक्कर को उन पर अर्पित करें।

  • शिवलिंग पर सब चीजें चढ़ाने के बाद दूध, दही, घी शक्कर और शहद इन पांचों को मिलाकर एक शिवार्पण करें।
  • पूजा के दौरान शिव जी के पंचाक्षर या षडाक्षर मंत्र का उच्चारण करते रहें।
  • पंचामृत से स्नान कराने पर भगवान शिव जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
  • ऐसा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।