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संगठनात्मक चुनाव को लेकर फिर शुरू हुई अटकलें
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बहुप्रतीक्षित फैसला जल्द
भोपाल। मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के लिए बहुप्रतीक्षित संगठन चुनाव को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 15 जून तक हो सकता है। इसके बाद जून अंत तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी चर्चा है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सहित सात राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव 15 जनवरी तक सम्पन्न होने थे। इन सभी राज्यों में बूथ, मंडल और जिला स्तर के चुनाव हो चुके हैं। मप्र में सभी 62 संगठनात्मक (दो नवगठित) जिलों में 30 जनवरी तक पूरे हो चुके हैं। चुनाव कार्यक्रम से एक माह देरी से लेकिन अनुमान था कि 15 फरवरी तक मप्र सहित शेष सात राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव हो जाएंगे। लेकिन अलग-अलग कारणों से यह चुनाव टलते गए और अब इसमें करीब छह माह की देरी हो चुकी है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व संगठन चुनाव को अब और नहीं टालना चाहता। राज्यों में चुनाव के तुरंत बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराए जाने पर विचार चल रहा है।
इन कारणों से टले संगठनात्मक चुनाव
संगठन चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 15 जनवरी तक जिन राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष तक का निर्वाचन हो जाना था, उनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर और झारखंड जैसे प्रमुख राज्य शामिल थे। 29 दिसम्बर 2024 को नईदिल्ली में हुई केन्द्रीय नेतृत्व की बैठक में चुनाव निर्धारित तिथि को कराए जाने पर निर्णय हुआ था। लेकिन फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव के कारण चुनाव टल गए थे। मप्र में 25-25 जनवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को भी राज्य में संगठनात्मक चुनाव टलने का एक कारण माना गया। इसके बाद केन्द्रीय नेतृत्व पहलगाम आंतकी हमले और इसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की और सफलता के बाद देश की सेना के पराक्रम के प्रोत्साहन में व्यस्त रहा। हालांकि अब किसी भी स्थिति में संगठनात्मक चुनाव जून में कराए जाने की चर्चा है।
प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में कई नाम
मध्यप्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में आधा दर्जन से अधिक नाम शामिल हैं। इनमें एक वर्तमान विधायक और एक कैबिनेट मंत्री के नाम की चर्चा है। हालांकि चुनाव हार चुके सामान्य वर्ग के दो पूर्व मंत्रियों और एक पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक के नाम की भी चर्चा है। इसके अलावा अजा वर्ग से एक पूर्व मंत्री, अजजा वर्ग से राज्यसभा सांसद और ओबीसी वर्ग से एक पूर्व मंत्री का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में है।
अध्यक्ष के नाम पर सिर्फ मोहर बाकी!
मप्र सहित सात राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके लिए पैनल और रायसुमारी भी जनवरी माह में ही हो चुकी है। ऐसी स्थिति में अब केन्द्रीय नेतृत्व और चुनाव अधिकारियों को पैनल से एक सर्वमान्य नाम पर मोहर भर लगाकर घोषणा करनी है।
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