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राजधानी

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चेकपोस्ट पर कलेक्टर ने पकड़े कटर, टीएसआई पर भी कार्रवाई नहीं

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कटर और आरक्षकों ने रोकी श्रद्धालुओं से भरी बस, अवैध वसूली, गाली-गलौच का आरोप 

भोपाल। मध्यप्रदेश के परिवहन चेकपॉइंटों पर परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले द्वारा एवं कटर के सहयोग से अवैध वसूली के वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में कुछ वीडियो रीवा जिले के हनुमना चेकपॉइंट से आए हैं। घटना करीब एक सप्ताह पुरानी है। यहां चेकपोस्ट पर उपस्थित परिवहन आरक्षकों और निजी वसूलीखोरों ‘कटर’ ने श्रद्धालुओं से भरी एक बस को रोका गया। आरोप है कि अवैध वसूली के लिए परिवहन कर्मियों और कटर ने महिलाओं, बच्चों सहित सभी यात्रियों को रातभर न केवल सडक़ पर खड़ा रखा, बल्कि गाली-गलौच भी की गई। 

पीडि़त श्रद्धालुओं ने वीडियो जारी कर बताया कि वे बस में सवार होकर दमोह से काठमांडु दर्शन करने जा रहे थे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी थे। रात करीब 12 बजे बस को चेकिंग के लिए हनुमना चेकपॉइंट पर रोका गया। बस रुकते ही बस चालक से इंट्री मांगी गई। बस चालक द्वारा मना किए जाने एवं अवैध वसूली का विरोध करने पर परिवहन आरक्षकों और वसूली करने वाले प्रायवेट व्यक्तियों (कटर) ने सभी यात्रियों को बस से नीचे उतारा और बस को सडक़ किनारे खड़ा करा दिया। इस दौरान यात्रियों ने उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट किए जाने के भी आरोप लगाए। 

एसपी-कलेक्टर को देखकर भागे कटर 

एक वीडियो में स्थानीय विधायक, कलेक्टर संजय जैन  और एसपी दिलीप सोनी वसूलीखोर प्रायवेट कटर को पकड़वाते हुए नजर आते हैं। यह मामला विधायक के चेकपॉइंट से निकलते समय प्रकाश में आया। उन्होंने ही मौके पर कलेक्टर-एसपी को बुलवाया। कलेक्टर ने चेकपॉइंट प्रभारी सुमन दीक्षित को बुलाकर सवाल जवाब किए। उन्होंने कहा कि बस रोके जाते समय वे चेकपॉइंट पर नहीं थीं। कलेक्टर ने पकड़े गए प्रायवेट कटर पर एफआईआर के निर्देश दिए। लेकिन दोनों को धारा 151 में एक दिन थाने में रखा गया, बिना एफआईआर के दोनों को छोड़ दिया गया। 

टीएसआई पर नहीं हुई कार्रवाई

परिवहन आयुक्त के स्पष्ट निर्देश हैं कि एटीएसआई/टीएसआई स्तर के अधिकारी के बिना किसी भी वाहन को न रोका जाए। श्रद्धालुओं की बस को टीएसआई की अनुपस्थिति में आरक्षकों और कटर ने रोका। आरटीओ की पट्टी वाली गाड़ी में आरक्षक और कटर आखिर किसके इशारे पर अवैध वसूली कर रहे थे। स्पष्ट रूप से इस अवैध वसूली के लिए टीएसआई सुमन दीक्षित दोषी हैं, लेकिन उनके विरुद्ध किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी। इस मामले में दोषी परिवहन अमले पर कार्रवाई और परिवहन चेकपोस्टों पर अवैध वसूली रोकने के लिए इंदौर ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सदस्य सी.एल.मुकाती ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। 

आरोपी महिला टीएसआई को मिली चेकपोस्ट  

पिछले साल सितम्बर महीने में सागर-झांसी (मालथौन) परिवहन चेकपोस्ट पर पदस्थ रहते हुए ट्रक चालकों से अवैध वसूली और अवैध वसूली का वीडियो बनाते स्थानीय पत्रकारों से गाली-गलौच और अभद्रता करने के आरोप में चैकपोस्ट से हटाकर परिवहन मुख्यालय, ग्वालियर अटैच की गई महिला परिवहन उप निरीक्षक श्रीमती मीनाक्षी गोखले की एक बार फिर से चेकपोस्ट पर बहाली हो गई है। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा द्वारा विगत 29 मई को जारी आदेश में उन्हें परिवहन आयुक्त कार्यालय से महाराष्ट्र सीमा से सटी परिवहन चेकपोस्ट सिवनी-1 (नागपुर-जबलपुर मार्ग) पर पदस्थ किया गया है। श्रीमती गोखले के साथ दो महिला आरक्षकों संध्या अहिरवार और रितु शुक्ला को भी मुख्यालय अटैच किया गया था।  

‘मामला करीब 10 दिन पुराना है, अवैध वसूली करने के आरोप में दो आरोपी पकड़े थे, उन्हें धारा 151 में बंद किया था। एफआईआर नहीं हुई थी। कलेक्टर साहब ने एफआईआर के निर्देश नहीं दिए थे। ’

दिलीप सोनी

पुलिस अधीक्षक,मऊगंज