अपराध

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मृतक के फर्जी वारिस बनकर हड़पी जमीन, सरपंच, सचिव, पटवारी और तहसीलदार पर ईओडब्ल्यू पंजीबद्ध किया प्रकरण

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भोपाल। नीमच जिले के ग्राम बैसला में मृतक केदार मीणा के स्वामित्व की भूमि को हड़पने के लिए मृतक के फर्जी वारिस तैयार करने वाले पंचायत के तत्कालीन सरपंच, सचिव, पटवारी, तहसीलदार सहित अन्य के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्लयू)ने हेरफेर, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है। 

आरोपियों ने इस तरह की धोखाधड़ी 

मृतक केदार मीणा के स्वामित्व की भूमि हड़पने के लिए मुख्य आरोपी भगवान पिता भेरूलाल मीणा ने नीमच जिले के ग्राम बैसला में, तत्कालीन सरपंच प्रेमलता अमर रावत, तत्कालीन सचिव आनंद सक्सेना के माध्यम से स्वयं के मृतक का पुत्र होने का फर्जी वारिसान प्रमाण पत्र बनवाकर जारी करा लिया। पटवारी अनुराग पाटीदार ने स्वयं के लिए केदार का वैध वारिस और पुत्र होने संबंध असत्य वंशावली, पंचनामा और प्रतिवेदन तैयार करवाकर प्रमरण में प्रस्तुत करवाया। मृतक की भूमि का फौती नामांतरण अपने पक्ष में कराने के लिए न्यायालय तहसीलदार रामपुरा में आवेदन किया। इसके बाद तत्कालीन तहसीलदार रामपुरा, बालकृष्ण मकवाना ने मृतक केदार के वैध वारिसान के संबंध में जांच किए बिना असत्य एवं कूटरचित प्रमाण पत्र, पंचनामा, वंशावली एवं प्रतिवेदन को आधार बनाकर अनावेदक भगवान के पक्ष में फौती नामांतरण आदेश पारित कर दिया। इस तरह आरोपी ने इस फर्जी आदेश के आधार पर वास्तविक वारिसों के साथ धोखाधड़ी कर, अपराधिक षड्यंत्र किया। भूमि का नामांतरण भी करा लिया और भू-राजस्व अभिलेख में भी आरोपी का नाम अंकित कर दिया गया। 

इन आरोपियों पर दर्ज हुआ प्रकरण 

भगवान मीणा पिता भेरूलाल मीणा निवासी बैंसला, तहसील रामपुरा, नीमच, श्रीमती प्रेमलता पति अमर रावत सरपंच बेंसला, रामपुरा, आनंद सक्सेना, सचिव ग्राम पंचायत बैंसला, अनुराग पाटीदार, तत्कालीन पटवारी, बैंसला, तहसील रामपुरा, निवासी ग्राम देवरी, खवासा, जिला नीमच और बी.के.मकवाना, तत्कालीन तहसीलदार, रामपुरा, जिला नीमच व अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध ईओडब्ल्यू ने भादंसं की धारा 420, 467, 468, 471,120बी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है।