अपराध

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गरीबी रेखा की सूची में जोड़े 111 अपात्रों के नाम, दो पूर्व जनपद सीईओ सहित छह के विरुद्ध ईओडब्ल्यू ने की एफआईआर

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भोपाल/रीवा। मैहर जिले की जनपद पंचायत मैहर में अपात्र लोगों के नाम गरीबी रेखा की सूची में जोड़े जाने, फर्जी बी.पी.एल. प्रमाण पत्र जारी कर भ्रष्टाचार किये जाने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने जनपद पंचायत मैहर के दो तत्कालीन कार्यपालन अधिकारियों वेदमणि मिश्रा और आर एन शर्मा सहित उनके अधीनस्थ पांच अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है। 

फर्जी बीपीएल नामों के संबंध में मिली शिकायत की जांच में सामने आया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जनपद पंचायत मैहर के तत्कालीन सक्षम अधिकारियों ने बीपीएल सूची का विधिवत संधारण नहीं किया तथा शासन के आदेशों का पालन न करते हुए तहसीलदार की लिखित अनुशंसा अथवा आदेश के बिना ही अपात्र व्यक्तियों का नाम गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) सूची में जोड़ दिए गए। जिससे अपात्र व्यक्तियों ने 2018 से अब तक शासन द्वारा गरीबों के उत्थान के लिए जारी योजनाओं का अनुचित लाभ लेकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई। प्रकोष्ठ की अभी तक की जांच में कुल 111 अपात्र हितग्राहियों के नाम फर्जी बीपीएल प्रमाण पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई है। 

इनके विरुद्ध दर्ज दर्ज हुआ प्रकरण

- वेदमणि मिश्रा और आर.एन. शर्मा तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय जनपद पंचायत मैहर, प्रेमलाल गौतम सहायक विकास विस्तार अधिकारी, सुदामा प्रसाद चैरसिया तत्कालीन विकास खण्ड अधिकारी, दीपक मिश्रा तत्कालीन बीपीएल प्रभारी और रामसुन्दर मिश्रा वर्तमान बीपीएल प्रभारी कार्यालय जनपद पंचायत मैहर सहित अन्य संबंधितों के विरुद्ध धारा 420, 409, 120-बी भा.दं.वि., धारा 13(1)ए, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।