अपराध

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दोमुंहा सांप की तस्करी करने वाले को 3 साल की जेल

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भोपाल। वन्य प्राणी दो मुंहा सांप (सैंडबोआ) की तस्करी करने वाले आरोपी प्रतीक सिंह बोहरा को भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 51 (1) सहपठित धारा 120-बी भादवि में 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। आरोपी को पकडऩे वाली पुलिस और वन विभाग की टीम और आरोपी का पक्ष सुनने के बाद भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय के तेईसवें अपर सत्र न्यायाधीश सचिन जैन के न्यायालय ने आरोपी को यह सजा सुनाई। 

10 साल पहले भोपाल में पकड़ा था आरोपी 

घटना 10 साल पुरानी है। 7 जनवरी 2016 को पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग काले रंग की सफारी गाडी में दो मुंहा सांप (सेंडबोआ) बेचने के लिए घूम रहे है। पुलिस ने इस सूचना के आधार पर एसटीएफ ने वन विभाग के वनपाल एवं वनरक्षक के साथ मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंचकर पड़ताल की तो वहां एक संदिग्ध काले रंग की सफारी गाडी नंबर एमपी 04 सीएन 8442 खड़ी दिखी। इस कार में पांच लोग बैठे थे। पूछताछ में पुलिस को इन्होंने अपने नाम अमन उर्फ हनी, लोकेश उर्फ मलिक, विजय उर्फ विज्जू, प्रतीक बोहर और ब्रजेश पटेल बताया। उनके पास एक बैग था, जिसकी चैन में एक दो मुंहा सांप सैंडबोआ मौजूद था। इस सांप की लंबाई 114 सेमी, मोटाई 12 सेमी और वजन लगभग 2 किलोग्राम था। यह गहरा भूरा रंग का साप था। इसके बाद पुलिस ने थाना एसटीएफ में धारा 3, 39, 48(ए), 51(1),  52 एवं 57 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पड़ताल की। बाद में साक्ष्य, तर्क एवं दस्तावेजों के साथ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। आरोप प्रमाणित होने पर न्यायालय ने आरोपी प्रतीक सिंह बोहरा को कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई।