देश

Image Alt Text

मप्र विधानसभा अध्यक्ष तोमर की अध्यक्षता में गठित समिति ने 11 बिंदुओं पर की अनुशंसाएं

देश

भोपाल/कोलकाता। मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की अंतिम बैठक पश्चिम बंगाल विधानसभा कोलकाता में हुई। तीन समीक्षा बैठकों में चर्चाओं के बाद समिति ने 11 बिंदुओं पर अनुशंसाएं की हैं। इन सिफारिशों के साथ समिति का प्रतिवेदन सात राज्यों के अध्यक्षों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा गया।

 प्रतिवेदन सौंपते समय सात राज्यों के अध्यक्षों नरेंद्र सिंह तोमर (मप्र) सतीश महाना (उप्र) वासुदेव देवनानी (राजस्थान) कुलदीप सिंह पठानिया (हिमाचल प्रदेश) रथीन्द्र नाथ बोस (पश्चिम बंगाल)मिंग्मा नोर्बु शेरपा (सिक्किम) तथा श्रीमती सुरामा पाढी अध्यक्ष, ओडिशा विधानसभा उपस्थित रहीं। 

उल्लेखनीय है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधायी कार्यवाही में वित्तीय सहित तदर्थ समितियों की भूमिका के महत्व को रेखांकित किया है। इस भूमिका को अधिक स्पष्ट और समर्थ बनाने के लिए गठित समिति की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपी गई थीं। समिति में 6 राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम एवं पश्चिम बंगाल के राज्य विधान मण्डल शामिल हैं। समिति की पहली बैठक मध्य प्रदेश विधानसभा भोपाल में 14 जुलाई, 2025 को एवं दूसरी बैठक राजस्थान विधानसभा, जयपुर में 5 मई, 2026 को हुई थी। कोलकाता में तीसरी और अंतिम बैठक में विधानसभा समितियों के संबंध में विमर्श हुआ।