अपराध

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ड्रग तस्करी के नेटवर्क की तलाश में ईडी ने मारे छापे, 70 करोड़ की ड्रग्स तस्करी मामले में इंदौर और मंदसौर में कई स्थानों पर ली तलाशी

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भोपाल/इंदौर। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने कई राज्यों में फैले ड्रग तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई की। प्रवर्तन निदेशालय के इंदौर उप क्षेत्रीय कार्यालय ने शुक्रवार को इंदौर और मंदसौर में कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई लगभग 70 करोड़ रुपये कीमत की 70 किलोग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स की कथित तस्करी से जुड़ी जांच के संबंध में की गई। ईडी ने इंदौर अपराध शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। यह एफआईआर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 8 और 22 के तहत अपराधों के लिए कई आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई थी।

ईडी की जांच में पता चला कि मुख्य आरोपियों में से एक अपने ज्ञात पतों पर नहीं मिल रहा था। प्रवर्तन निदेशालय ने खुफिया जानकारी के आधार पर बड़े स्तर पर प्रयास किए और हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर में कई दिनों तक उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए एडवांस्ड एनालिटिकल और जांच तकनीकों का इस्तेमाल किया। लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद, आरोपी को इंदौर में एक ऐसे पते पर खोजा, जिसके बारे में पहले जानकारी नहीं थी। इससे तलाशी की कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया। तलाशी के दौरान अहम आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल प्रमाण बरामद हुए हैं, साथ ही आरोपियों की संपत्ति और वित्तीय मामलों से जुड़ी जानकारी भी मिली है। फोरेंसिक जांच के लिए कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त भी किए हैं। अपराध से हुई कमाई 

की पहचान करने, मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) का पता लगाने और अपराध से जुटाई गई राशि की लॉन्ड्रिंग के दायरे का पता लगाने के लिए इनका विस्तृत वित्तीय विश्लेषण किया जाएगा। 

आरोपी के रिस्तेदार के नाम पर मिला बैंक लॉकर 

तलाशी के दौरान, एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर एक बैंक लॉकर भी मिला। बैंक लॉकर पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई अलग से की जा रही है। तलाशी के दौरान मिले सबूतों से कथित अपराध से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्ति और अन्य लोगों के बारे में अहम सुराग मिलने की संभावना है। ईडी शामिल सभी लोगों की भूमिका और अपराध से हुई कमाई से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।