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दतिया चुनाव में नेताओं की व्यस्तता, तीन दिन में खत्म हुई मप्र विधानसभा की कार्रवाई, 7765.76 करोड़ का अनुपूरक बजट और सभी विधेयक पास
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भोपाल। मप्र विधानसभा के बजट सत्र में पेश किए गए 7765.76 करोड़ रुपए के पहले अनुपूरक बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद मप्र विधानसभा की कार्यवाही को अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।
सिंघार बोले-सरकार का काम खत्म, तो विधानसभा खत्म
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार ्रसरकारी काम खत्म, विधानसभा खत्म का फार्मूला अपना रही है। उन्होंने कहा कि जब विधायक अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए अगले दिन भी तैयार हैं, तो कार्यवाही जल्द खत्म करने की क्या जरूरत है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अध्यक्ष चाहते हैं कि सभी सदस्य अपनी बात रखें, इसलिए समय लग रहा है। सिंघार ने जवाब दिया कि शासकीय कार्यों के अलावा अन्य विषयों और विधायकों के प्रश्नों पर भी अगले दिन चर्चा हो सकती है, फिर कार्यवाही आज ही समाप्त करने की जल्दबाजी क्यों की जा रही है।
गोदामों में सड़ा दिया 25 करोड़ का गेहूं: घनघोरिया
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा जबलपुर के गोदाम में 25 करोड़ रुपए का गेहूं सड़ा दिया गया है। 300 करोड़ का पुल 4 साल के अंदर टूटकर गिर गया है। अब यह जानकारी में आया है कि 3 साल का समय ठेकेदार को बढ़ाया गया है। जिस निर्माण कार्य का 1 जुलाई को मुख्यमंत्री लोकार्पण करके आए हैं, वह 3 जुलाई को बह गया है। इसी तरह 8 माह में एक अन्य निर्माण कार्य खराब होने की जानकारी सरकार को मिल चुकी है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि अनुपूरक बजट में सबसे अधिक राशि का प्रावधान नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए किया गया है। यह राशि गुजरात सरकार को दी जानी है। गुजरात सरकार को मध्य प्रदेश सरकार 231 करोड़ देने वाली है। एमपी सरकार को गुजरात सरकार से 7000 करोड़ से अधिक राशि लेनी थी लेकिन अब उल्टा हो रहा है और एमपी सरकार को पैसा देना पड़ेगा।
भाजपा विधायक अनिरुद्ध मारू ने सड? निर्माण में देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार बजट तो उपलब्ध करा देती है, लेकिन समय पर प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने से कई सड? परियोजनाएं लंबित पड़ी रहती हैं। कांग्रेस विधायक जग्गू भैया ने जमीन की गाइडलाइन तय करने में कलेक्टरों की मनमानी पर लगे रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई जगह 900 प्रतिशत तक बढोत्तरी की जा रही है। कलेक्टरों के अधिकारों पर नियंत्रण और जरूरत पडऩे पर समिति गठित करने की मांग की। कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने कहा कि छह महीने से जिन निराश्रित हितग्राहियों की पेंशन लंबित है, उन्हें राशि कब तक मिलेगी। उन्होंने सरकार से भुगतान की स्पष्ट समय-सीमा बताने की मांग की।
विजयवर्गीय पर आरोप लगाा फंसा विपक्ष
विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा युवाओं पर कथित टिप्पणी किए जाने के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आरोपों को झूठा बताते हुए विजयवर्गीय ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने सदन में युवाओं के बारे में कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की, लेकिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस सदस्य लगातार उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि सदन की कार्यवाही का वीडियो इसकी पुष्टि करता है कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने मांग की कि नेता प्रतिपक्ष माफी मांगें अथवा इस मामले में अध्यक्ष उचित निर्णय लें। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। उमंग सिंघार बार-बार दोहराया कि विजयवर्गीय ने युवाओं को अराजक कहा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बारे में जो बात कही गई है, उसको लेकर वे दुखी थे। हालांकि, वे आसंदी से अपेक्षा करते हैं कि उन्होंने सदन की कार्यवाही का रिकॉर्ड चेक किया है। क्या उसमें ऐसा लिखा है कि विजयवर्गीय ने युवाओं को कीड़ा शब्द बोला है। उन्होंने कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से कोई सफाई नहीं चाहते हैं।
बुधवार को सदन में यह मुद्दे भी उठे
मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने उज्जैन में मेडिकल यूनिवर्सिटी के मुख्यालय के फैसले को अव्यावहारिक बताया। उन्होंने पूछा कि 15 साल पुरानी मेडिकल यूनिवर्सिटी का बंटवारा क्यों?सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने जबलपुर में मेडिकल यूनिवर्सिटी खोलने का समर्थन किया।
- मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने उन गांवों को प्राथमिकता दी है, जहां पंचायत भवन और सामुदायिक भवन नहीं हैं। सरकार पहले ऐसे स्थानों पर आवश्यक भवनों का निर्माण कराएगी, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। चर्चा के बाद विधेयक को पारित कर दिया गया।
- मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने निजी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय खोलने के लिए भवन में आवश्यक कमरों की संख्या, विद्यार्थियों की क्षमता और संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों के लिए स्पष्ट मापदंड तय किए गए हैं। साथ ही, यूजीसी और अन्य शैक्षिक परिषदों के सभी नियमों का पालन करना संबंधित विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के लिए अनिवार्य होगा। कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी और प्रताप ग्रेवाल ने संशोधन का विरोध करते हुए कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता गिरेगी।
दो पूर्व मंत्रियों ने देखी सदन की कार्यवाही
बुधवार को सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्षीय दीर्घा में पूर्व मंत्री कैलाश चावला और ध्यानेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं सदन को इसकी जानकारी देते हुए दोनेां के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। इसके बाद अध्यक्ष श्री तोमर ने दोनों की दर्शक दीर्घा में उपस्थिति का उल्लेख करते हुए सदन की ओर से दोनों का सवागत किया।
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