Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
राजधानी

Image Alt Text

9 साल बाद खुला पदोन्नति का रास्ता

राजधानी


अधिकारी-कर्मचारियों को डॉ. मोहन सरकार ने दिया बहुप्रतिक्षित उपहार 

 करीब 4 लाख  शासकीय सेवकों को मिलेगा फायदा, दो लाख रिक्त पदों पर भी भर्ती 

भोपाल। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर न्यायालय की रोक के चलते मध्यप्रदेश के शासकीय विभागों में पिछले 27 सालों से अटकी पड़ी अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता सरकार ने खोल दिया है। न्यायालय के सभी आदेशों का पालन करते हुए सरकार ने ऐसा निर्णय लिया है, जिससे न केवल मप्र के करीब 4 लाख शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा, बलिक दो लाख रिक्त पदों पर भर्तियां भी हो सकेंगी। 

 बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक में लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 (पदोन्नति नीति) का अनुमोदन किया गया है। सरकार के इस निर्णय से पदोन्नतियों में किसी प्रकार की विधिक अड़चन नहीं आएगी, इसका भी पूरा ध्यान रखा गया है। अग्रिम डीपीसी के प्रावधान किए गए हैं। वरिष्ठता का ध्यान रखा गया है। 

समिति को उपयोगिता निर्धारण का अधिकार 

विजयवर्गीय ने बताया कि पदोन्नति संबंधी निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि किन परिस्थितियों में लोकसेवक अपात्र होगा। फैसले के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डीपीसी की व्यवस्था भी की गई है। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयोगिता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि 2016 से 2025 के बीच पदोन्नति दिए जाने को लेकर सरकार के फार्मूले में कोई फैसला नहीं लिया गया है। सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के मामले में भी निर्णय नहीं हुआ। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ट्वीट

पदोन्नति को लेकर मंत्रि-परिषद के फैसले के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘आज कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारियों के 9 वर्ष से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया। इसमें एससी-एसटी सहित सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का ध्यान रखा गया है। इसके माध्यम से पदोन्नति के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन पर नये सिरे से भर्ती की संभावना बनेगी।’

अजा को 16, अजजा को 20 प्रतिशत आरक्षण 

सरकार की पदोन्नति नीति में अनुसूचित जाति वर्ग के शासकीय सेवकों को 16 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति वर्ग को 20 प्रतिशत आरक्षण के लाभ का प्रावधान किया है। 

शासकीय सेवकों को पदोन्नति के प्रमुख बिन्दु 

- नीति में अग्रिम डीपीसी और पात्रता का प्रावधान है। पदोन्नति समिति को दिए अधिकार। 

- प्रथम श्रेणी के लोकसेवकों की पदोन्नति के लिए मेरिट के साथ वरिष्ठता का प्रावधान।

- प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवकों सहित सभी रिक्त पदों पर पदोन्नति का प्रावधान किया गया। 

- छह माह की गोपनीय प्रतिवेदन (सीआर) को सालभर माना जाएगा। 

- गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। 

- 2 लाख रिक्त पद सृजित होंगे, जिन पर भर्तियां हो सकेंंगी। 

- बैठक से पूर्व विभागीय पदोन्नति समिति के कारण बताओ नोटिस के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं होगी, जिससे ज्यादा शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा।

- जिस दिन पदोन्नति के पद उपलब्ध होगे, उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को पदोन्नति मिलेगी।

मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय 

- आंगनवाड़ी 2.0 के तहत 459 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति। कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती भी होगी। 

- म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन

- नए जिलों पांडुर्णा, मैहर और मउगंज में जिला कोषालय की स्थापना का अनुमोदन

प्रधानमंत्री करेंगे भोपाल मेट्रो का लोकार्पण 

मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से चर्चा कर कई जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि आगामी सितंबर-अक्टूबर में भोपाल मेट्रो शुरू होगी। प्रधानमंत्रभ् नरेन्द्र मोदी इसे लोकार्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर लाडली बहनों को 250 रूपये की अतिरिक्त राशि देंगे। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मध्य प्रदेश सरकार हर जिले में कार्यक्रम करेंगे।