मध्यप्रदेश

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ट्रेन में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कारावास

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भोजन देने के बहाने पीडि़ता को पेंट्रीकार में ले गया था आरोपी 

भोपाल। चलती ट्रेन में नाबालिग युवती को खाना खिलाने के बहाने पेंट्रीकार में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को भोपाल जिला न्यायालय ने 10 वर्ष के सश्रम कारावार और 10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। 

भोपाल जिला न्यायालय के तेरहवें अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट महोदय ने नाबालिक बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी सतनाम सिंह को धारा 376(1) भादवि दोष सिद्ध पाते हुए धारा 376(1) भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदण्ड  की सजा सुनाई। इस मामले में  विशेष लोक अभियोजक त्रिभुवन प्रसाद गौतम, श्रीमती सरला कहार और श्रीमती लक्ष्मी कसाव ने शासन की ओर से पैरवी की। 

घटना 19 जुलाई 2022 की है। पीडि़ता ने पुलिस थाना जीआरपी भुसावल में रिपोर्ट कराई थी कि 18 जुलाई को ट्रेन नंबर 11078 झेलम एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थी, यात्रा के दौरान ट्रेन भोपाल स्टेशन पर पानी भरने के लिए  प्लेटफार्म पर उतरी। उसे भूख लग रही थी, उसके पास पैसे नहीं थे, इस कारण वह प्लेटफार्म से भोजन नहीं खरीद पाई। ट्रेन चलने के 15 मिनट बाद एसी कोच के गेट के पास सीट पर बैठी थी, तभी एक अज्ञात लडक़ा आया जो खाना देने का झांसा देकर उसे पेंट्रीकार मे ले गया। वहां उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस थाना भूूसलावल ने शून्य पर अपराध कायम कर केस डायरी जीआरपी भोपाल को भेज दी। थाना जीआरपी हबीबगंज  में धारा 376(1) भादवि 5/6 पॉक्सो एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था एवं जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया था। मामल में पीडि़त पक्ष के तर्कों, साक्ष, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों में पुष्टि के बाद आरोपी को सजा सुनाई।