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मध्यप्रदेश
लोकतंत्र सेनानियों के उपचार का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित हुआ लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन, मुख्यमंत्री बोले
- सरकारी और प्रायवेट नौकरियों के साथ योजनाओं में भी परिजनों को प्राथमिकता
भोपाल। आयुष्मान योजना में 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोकतंत्र सेनानियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा भी सेनानियों के उपचार में जितनी भी राशि खर्च होगी, उसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। जहां जरूरत होगी, एयर एम्बूलेंस भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकारी और प्रायवेट नौकरियों में योग्यता के हिसाब से लोकतंत्र सेनानियों के परिजनों को प्राथमिकता दी ही जाएगी। सरकार की विभिन्न योजनाओं में भी उनकी पहले चिंता की जाएगी। राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजन के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं रखेगी।यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों को प्रदेश स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे, मंत्री विश्वास सारंग, तुलसी सिलावट, राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर और गौतम टेटवाल, सांसद आलोक शर्मा, विधायक अजय विश्नोई, रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, लोकतंत्र सेनानी संघ के संरक्षक मेघराज जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक सहित अन्य जनप्रतिनिधि व लोकतंत्र सेनानी संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आपातकाल में जारी हुए 46 आध्यादेश: गहलोत
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इसे और मजबूत करने के लिए लोकतंत्र के सेनानियों ने कड़ी तपस्या की है। आपातकाल के दौरान 46 अध्यादेश जारी किए गए। आपातकाल के दौर में संवैधानिक आजादी खत्म करते हुए लोगों के बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। मध्यप्रदेश की सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सबसे अधिक सुविधाएं दीं। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने कहा, 25 जून 1975 की मध्य रात्रि को देश में आपातकाल लागू हुआ था। तब कोई कैबिनेट बैठक नहीं हुई और तानाशाही रवैये से एकाएक आपातकाल लागू कर दिया। तत्कालीन राष्ट्रपति अगर कैबिनेट का प्रस्ताव मांगते, तो शायद देश को आपातकाल का सामना नहीं करना पड़ता। इस अवसर पर देश में आपातकाल लागू करने से जुड़ी केन्द्र सरकार द्वारा निर्मित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
मीसा पत्रिका और इमरजेंसी डायरी विमोचित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं अन्य अतिथियों ने 'मीसा पत्रिकाÓ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आपातकाल के दौरान लिखे गए पत्रों, विचारों, आलेखों से जुड़े संस्मरणों पर आधारित 'इमरजेंसी डायरीÓ का भी विमोचन किया।
चार सेनानी अतिथि ताम्रपत्र से सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्नाटक के राज्यपाल श्री गहलोत, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और म.प्र. हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष अशोक कड़ेल को लोकतंत्र सेनानी होने पर सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार के जिलों में सभी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र देकर सम्मानित करेंगे।
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