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शिशु मंदिर के 248 पूर्व छात्रों ने रोपे 1100 पौधे
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विद्याभारती ने कलियासोत पहाड़ी पर चलाया पौधरोपण अभियान
भोपाल। पर्यावरण पखवाड़ा के अंतर्गत विद्याभारती ने रविवार को भोपाल की कलियासोत पहाड़ी पर वृहद पौधरोपण अभियान चलाया। इस दौरान विद्याभारती द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों (शिशु मंदिर ) के कुल 248 पूर्व छात्र-छात्राओं ने 1100 पौधे रोपे। साथ ही इन पौधों की देखरेख अगले एक वर्ष तक करने का संकल्प भी लिया।
विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद, मध्यभारत प्रांत के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में उपस्थित विद्याभारती मध्यभारत प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री निखलेश माहेश्वरी ने पूर्व छात्रों के इस संगठित और नि:स्वार्थ प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्व छात्र हमारी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी और गौरव हैं। शिक्षा पूर्ण करने के कई वर्षों बाद भी उनका अपनी जड़ों से जुड़ा रहना और समाज के प्रति अपने दायित्वों का इस निष्ठा से निर्वहन करना अत्यंत प्रशंसनीय है। पर्यावरण का संरक्षण आज सम्पूर्ण विश्व की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हमारे पूर्व छात्रों द्वारा किया गया यह सामूहिक प्रयास न केवल सराहनीय है, बल्कि यह समाज के अन्य लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत का कार्य करेगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विद्या भारती का लक्ष्य ऐसे ही चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर पूर्व छात्र परिषद, विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के प्रांत संयोजक आशुतोष गुप्ता ने कहा कि विद्या भारती के संस्कार हमें केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखते, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति हमारे कर्तव्यों का बोध भी कराते हैं। यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक दिवसीय आयोजन नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह पखवाड़ा पूरे प्रांत में पूर्व छात्रों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोडऩे का एक माध्यम है।
गड्ढे भी स्वयं खोदे फिर किया पौधरोपण
कलियासोत पहाड़ी पर हुए इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में पूर्व छात्रों ने सुबह से ही समूहों में बंटकर गड्ढे खोदने, पौधे लगाने और उनमें खाद-पानी की व्यवस्था करने में जुट गए। इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसे केवल एक औपचारिक गतिविधि के रूप में नहीं किया गया, बल्कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनके विकास के लिए एक ठोस कार्ययोजना भी तैयार की गई है। इसके तहत, पूर्व छात्रों के अलग-अलग समूह साप्ताहिक रूप से पहाड़ी पर जाकर पौधों को पानी देने, निराई-गुड़ाई करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य करेंगे।
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