मध्यप्रदेश

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वन आधारित जीवन शैली समझने वाला मप्र अकेला राज्य

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मध्यप्रदेश में बढ़ेंगे चिडिय़ाघर और वन्य जीव सुरक्षा केन्द, मुख्यमंत्री बोले 

भोपाल। ‘हम वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए संरक्षण केन्द्र (रेस्क्यू सेंटर) और चिडिय़ाघर बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश एक मात्र राज्य है, जहां वन आधारित जीवन शैली समझी जाती है। वन्यजीव संरक्षण में भी मध्यप्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए कही। 

वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनस्र्थापित किया। 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुर्नवास बड़ी उपलब्धि है। राज्य वन विकास निगम द्वारा विकसित वनों के प्रबंधन और आगामी कार्ययोजना के बारे में विचार मंथन की आवश्यकता है। अब तक किए गए कार्यों का सिंहावलोकन करते हुए राज्य सरकार वन विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष नवाचार और पहल करने के लिए तत्पर है।

ईको पर्यटन गतिविधियां करे निगम 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विकास निगम के केन्द्रों में ईको टूरिज्म की गतिविधियां संचालित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान का जोधपुर आम और बबूल की लकड़ी के आधार पर फर्नीचर के बड़े केन्द्र के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश में उपलब्ध सागौन और अन्य श्रेष्ठ काष्ठ के उपयोग से मध्यप्रदेश भी इस प्रकार की पहल कर सकता है।

मप्र में सर्प गणना की तैयारी, मौत कम करने बनेगी योजना 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्पदंश से होने वाली मौतों को कम करने के लिए राज्य सरकार योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रदेश में सर्प गणना की तैयारी हो रही है। मध्यप्रदेश ऐसा क्षेत्र हैं, जहां टाइगर और मनुष्य सहचर्य की भावना से साथ-साथ रहते हैं।

निगम कर्मियों को किया सम्मानित 

कार्यक्रम में वन विकास निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारी  आर.के. नामदेव, आर.एस. नेगी, रतन पुरवार, पी.सी. ताम्रकार और भगवंतराव बोहरपी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वन विकास की आगामी कार्ययोजना पर केन्द्रित विजन-2047 का अनावरण किया। 

वन संरक्षण कर रहा वन विकास निगम: अहिरवार  

वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन विकास निगम, स्थानीय लोगों को जोड़ते हुए वन संरक्षण की गतिविधियां संचालित कर रहा है। प्रदेश में अनेक नवाचार क्रियान्वित हो रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश को वन संपदा से समृद्ध करने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया गया। राज्य वन विकास निगम की भूमिका सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णबाल ने कहा कि वन विकास निगम के सहयोग से 3 लाख 90 हजार हेक्टेयर जंगलों का विकास और ट्रीटमेंट किया गया। इस उपलब्धि में निगम के अधिकारी और कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है।