अपराध

Image Alt Text

कोठी टूटने से बचाने न्यायालय की शरण पहुंचा मछली का परिवार

अपराध

https://www.facebook.com/share/v/14FG6Ty4tfM/भोपाल। नशा कारोबार सहित अन्य गंभीर मामलों में आरोपी याशीन अहमद (मछली)का परिवार अपने घर को सरकारी बुल्डोजर द्वारा टूटने से बचाने के लिए न्यायालय की शरण में पहुंच गया है। याशीन के परिजनों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाकर उनका घर टूटने से रोकने का आग्रह किया है। 

उल्लेखनीय है कि ड्रग जिहाद, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में आरोपी याशीन मछली और उसके चाचा शहवर मछली को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कई बड़े खुलासे भी किए हैं। इस बीच प्रशासन ने याशीन और शहवर के फर्म हाऊस सहित कई ठिकानों पर बुल्डोजर चलाकर तोडऩे की कार्रवाई कर चुका है। अब प्रशासन याशीन की उस हवेली को तोडऩे की तैयारी में है, जिसे अवैध और वन विभाग की जमीन पर होने की बात कही जा रही है। प्रशासन परिजनेां को नोटिस दे चुका है। बताया जा रहा है कि जिस जगह हवेली बनी है, उस जमीन पर कुछ वर्ष पहले तक जंगल था तथा यह बड़े तालाब का कैचमेंट क्षेत्र भी है। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि नोटिस देने के बाद परिजनों के न्यायालय पहुंचने की पूरी संभावना थी। इसके बावजूद वन विभाग, नगर निगम अथवा राजस्व विभाग की ओर से न्यायालय में कैबियेट दायर नहीं की गई। इससे मछली के परिवार को न्यायालय से राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। 

देखे वीडियो है- https://x.com/KanoongoPriyank/status/1952784679481823616


चौकी का निरीक्षण करते पहुंचे कानूनगो

जिस जगह मछली परिवार का प्रभाव है, उस क्षेत्र के थाने और चौकी का निरीक्षन करने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो पहुंचे । मछली के क्लब 90 के पास स्थित आनंद नगर चौकी और पिपलानी थाने के निरीक्षण के बाद उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूछा थाने और चौकी में शिकायत करने बालों का रिकॉर्ड आखिर क्यों नहीं है?

क्या अभी भी मछली परिवार को बचा रही भोपाल पुलिस 

प्रियंक कानूनगो पहले भी आरोप लगा चुके है कि भोपाल के कुछ पुलिस कर्मी मछली परिवार को बचाने लगे है ।कानूनगो ने कहा, इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में  लड़कियां रहती है, फिर भी चौकी पर महिला पुलिस नहीं है।