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एग्रीमेंट, किराएदारी हुई महंगी, वाहनों पर चार गुना अर्थदंड
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मोटरयान कराधान, भारतीय स्टाम्प मप्र संशोधन सहित आठ संशोधन विधेयक पारित
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक-2025 सहित आठ संशोधन विधेयक पारित हो गए। भारतीय स्टाम्प मप्र संशोधन विधेयक 2025 के तहत स्टाम्प ड्यूटी बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन करते हुए प्रदर्शन किया। वहीं सदन में भी कांग्रेस विधायकों ने मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक विरोध करते हुए इससे भ्रष्टाचार बढऩे की बात कही।
शपथ पत्र और किराएदारी सहित कई अनुबंध महंगे
भारतीय स्टाम्प मप्र संशोधन विधेयक 2025 के लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में शपथ पत्र 50 रुपये के स्थान पर 200 रुपये के स्टाम्प पर मान्य होगा। किराएदारी आदि के अनुबंध भी अब 500 रुपये के स्थान पर कम से कम एक हजार रुपये के स्टाम्प पर ही हो सकेगा। इसी प्रकार अचल संपत्ति खरीदी के अनुबंध के लिए भी एक हजार रुपये के स्थान पर 5000 रुपये का स्टाम्प शुल्क देना होगा। इसी प्रकार शस्त्र लायसेंस के लिए भी 5000 रुपये के स्थान पर 10 हजार रुपये स्टाम्प शुल्क चुकाना होगा और लायसेंस नवीनीकरण के लिए 2000 के स्थान पर 5000 रुपये स्टाम्प शुल्क देना होगा। सहमति विलेख (कंसेंट डीड)एक हजार के स्थान पर 5000, साझेदारी अनुबंध (पार्टनरसिप डीड) 2000 के स्थान पर 5000, पंजीकृत दस्तावेज में सुधार शुल्क एक हजार के स्थान पर 5000, पावर ऑफ अटर्नी सिंगल ट्रांजेक्शन पहले नि:शुल्क था, अब 5000 रुपये स्टाम्प शुल्क देना होगा। इसी प्रकार ट्रस्ट की संपत्ति के लिए अब एक हजार रुपये के स्थान पर 5000 रुपये स्टाम्प शुल्क चुकाना होगा।
वाहनों पर इस तरह लगेगा अर्थदण्ड
- बिना टैक्स जमा किए वाहन संचालन पर अब तक 4 प्रतिशत की दर से शास्ति अधिरोपित होती थी जो लंबित टैक्स से दोगुना नहीं हो सकती थी। अब इसे बढ़ाकर चार गुना किया जाएगा।
- दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों द्वारा देयकर जमा नहीं करने पर चार गुना अर्थदण्ड लगेगा।
- बिना परमिट अथवा परमिट शर्तों के उल्लंघन पर देय मोटरयान कर की चार गुना राशि का अर्थदण्ड लेगेगा।
- लाइफटाइम टैक्स जमा कर चुके वाहन भी बिना परमिट अथवा परमिटत शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाने अब तक कुल टैक्स की 25 प्रतिशत राशि का अर्थदण्ड लगता है। अब ऐसे यात्री वाहन और स्कूल बस आदि पर प्रति सीट के हिसाब से एक हजार रुपये अर्थदण्ड तथा मालवाहक वाहनों के भार क्षमता से अधिक होने पर प्रति टन एक हजार रुपये अर्थदण्ड लगेगा।
प्रति टन भार और प्रति सीट पर वसूलेंगे एक हजार: मंत्री
परिवहन मंत्री उदय प्रताप ने उत्तर में कहा, अब नई व्यवस्था के तहत टैक्स बकाया होने पर 4 प्रतिशत अर्थदण्ड के साथ-साथ 4 गुना अतिरिक्त राशि भी वसूली जाएगी। मालवाहक वाहनों पर क्षमता से अधिक भार पर प्रति टन एक हजार एवं यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक यात्री बैठाने पर प्रति सीट एक हजार रुपये का अर्थदण्ड वसूला जाएगा।
बुधवार को यह आठ विधेयक हुए पास
- मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक-2025
- मध्य प्रदेश जन विश्वास उपबंधों का संशोधन विधेयक-2025
- मध्य प्रदेश माध्यमस्थ अधिकरण संशोधन विधेयक-2025
- विधिक सहायता और विधिक सलाह निरसन विधेयक-2025
- भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक-2025
- मध्य प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक-2025
- रजिस्ट्रीकरण मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक-2025
- भारतीय स्टांप मध्य प्रदेश द्वितीय संशोधन विधेयक-2025
विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
मप्र विधानसभा का मानसून सत्र दो दिन पहले ही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। अलग-अलग विभागों से संबंधित आठ संशोधन विधेयकों पर चर्चा और पास होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
अजा-अजजा, ओबीसी के लिए शपथ पत्र मुफ्त
सदन में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि जो भी कर बढ़ाया है वह सोच-समझकर बढ़ाया है। अजा-अजजा और ओबीसी के लिए शपथ-पत्र मुफ्त है। यह संशोधन 11 साल के बाद आए हैं, जो 64 बिंदु में से 12 बिंदु में प्रभावी होंगे।
क्यों ढाई हजार करोड़ नहीं वसूली पा रही सरकार: सज्जन
मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक के विरोध में बोलते हुए कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार से पूछा कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर संभागों में वाहनों पर ढाई हजार करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है, जिसे सरकार क्यों नहीं वसूल पा रही है। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने भी आरटीओ कार्यालयों के एजेंटों के भरोसे चलाए जाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस विधायकों ने खाकी वर्दी पहन किया प्रदर्शन
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक खाकी वर्दी पहनकर विधानसभा परिसर पहुंचे और पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। सत्र की शुरुआत में पूर्व केन्द्रीय मंत्री और पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निधन एवं उत्तराखंड त्रासदी में मारे गए लोगों के निधन पर शोक व्यक्त किया गया।
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