मध्यप्रदेश

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मानव अधिकार हनन मामले में 3 जिलाधीश, वन अधिकारी से मांगा जवाब

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-राज्य मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
भोपाल। मप्र राज्य मानव अधिकार आयोग ने मानव अधिकार हनन के अलग-अलग मामलों में 3 जिलों के जिलाधीश, एक पुलिस अधीक्षक, एक जिला वन अधिकारी एवं अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव कुमार टंडन ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर संज्ञान लिया है।
शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के मऊगांव फूड प्वाइजनिंग से दो बच्चियों की मौत पर जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक से घटना की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है। बच्चों की मिठाई खाने के बाद उल्टी दस्त की शिकायत हुई थी।
राजगढ़ जिले के ग्राम ब्राहम्ण निवासी एक वृद्ध महिला की विधवा पेंशन बंद करने जिलाधीश से जांच कराकर प्रतिवेदन मांगा है। जिसमें पेंशन बंद करने के कारण पूछे गए हैं। इसी तरह दतिया जिले की पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 19 कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती कराया गया है। इस मामले में जिलाधीश दतिया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जवाब मांगा है।

हाथी के उत्पात पर मांगी रिपोर्ट

आयोग ने उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व क्षेत्र के बमेरा गांव में एक जंगली हाथी द्वारा जमकर उत्पात मचाने और कई घरों को नुकसान पहुंचाने, राशन सामग्री खाने। ग्रामीणों में दहशत को लेकर आयोग ने जिला वन अधिकारी उमरिया से जबाव मांगा है।