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मध्यप्रदेश

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हज यात्रा में सरकार दे देती है 193 करोड़ की सब्सिडी

मध्यप्रदेश

-बीते साल 7107 यात्रियों ने दो किश्तों में उठाया लाभ
-हिन्दू संगठनों ने खड़े किये सवाल
भोपाल। अल्पसंख्यक वर्ग की धार्मिक यात्राओं में सरकार का आर्थिक सहयोग सब्सिडी के रूप में जारी है। इसमें हज यात्रा के लिये ही बीते साल 193 करोड़ की सहायता मुहैया कराई गई है। प्रदेश के 7107 यात्रियों को इसका लाभ दो किश्तों में मिला है। इस पर प्रदेश के हिन्दूवादी संगठनों ने सवाल खड़े किये हैं।
     इनमें संस्कृति बचाओ मंच इस सहायता को पूरी तरह से गलत बता रहा है। संगठन के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि अगर सरकार वाकई तीर्थयात्रा पर जाने वाले गरीब लोगों की मदद करना चाहती है, तो हिन्दू धर्मावलंबियों की यात्राओं के लिये सहायता का प्रावधान किया जाना चाहिये।
उनका कहना है कि अमरनाथ और मानसरोवर जैसी तीर्थ यात्राओं के मामले में सनातियों को सब्सिड़ी दिये जाने की मांग सरकार से की जाएगी।
वोट बैंक की राजनीति कर रही नुकसान
हिन्दूवादी संगठनों का मानना है कि वोट बैंक की राजनीति में हिन्दूबाहुल्य देश में हिन्दुओं को हाशिये पर रख दिया गया है। जिनके वंशज कभी जजिया लिया करते थे, उन्हीं के वंशजों को मौजूदा सरकारे सर आंखों पर बिठाकर धार्मिक यात्रायों के लिये करोड़ों की सब्सिड़ी मुहैया करा दोहरा मापदंड अपना रही है।    
प्रति यात्री दिये 2.72 लाख
हज यात्रा से जुड़े मप्र हज कमेटी के दस्तावेज बताते हैं कि हज 2025 के लिये  
7107 हज सीटों चयन किया गया। इसमें प्रति यात्री प्रथम किश्त एक लाख 30 हजार 300 व एक लाख 42 हजार रूपये की राशि दूसरी किश्त के रूप में हज कमेटी ऑफ इंडिया के खाते में जमा कराई गई है। यह कुल राशि 193.31 करोड़ रूपये तक पहुंच जाती है।
इसलिये भी खड़े हो रहे सवाल
हज पर सब्सिडी को भेदभावपूर्ण माना जाता है। इस्लामी देशों सहित  दुनिया का कोई भी अन्य देश हज पर सब्सिडी नहीं देता है। तर्क यह रहा है कि हज हर मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार ज़रूर जाना चाहिए, लेकिन सि$र्फ अपनी कमाई से। बावजूद इसके मप्र सहित पूरे देश में राजनीतिक दल सब्सिडी के बहाने मुस्लिम वोटों को लुभाने में जुटे हुए हैं।