Breaking News:

• रेखा यादव ने संभाला महिला आयोग अध्यक्ष का कार्यभार • ‘एक्टिव मोड’ में कार्य करें अधिकारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, समय सीमा बैठक में कलेक्टर के निर्देश • पश्चिम बंगाल विजय पर भाजपा कार्यालय में मना उत्सव, ढोल-नगाड़ों के बीच झूमे कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष ने मिठाई के साथ खिलाई झालमुड़ी • कौशल शर्मा ने ग्रहण किया महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष का पदभार • मोदी की झोली में बंगाल की ममता, भगवा हो गया ‘झालमुई’ का रंग, प्रधानमंत्री बोले यह ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन • रोटेशन नहीं ट्रांसफर हैं ये: चेकपोस्ट व्यवस्था के बाद ही जारी होगी परिवहन विभाग की चक्रानुक्रम (रोटेशन) सूची! अभी मैदानी अमले को मिलना शुरू हुई नई पदस्थापना
राजधानी

Image Alt Text

कारावास ही नहीं, सुधार केन्द्र भी बनें जेलें

राजधानी


मंत्री सारंग ने किया भोपाल केन्द्रीय जेल में उच्च सुरक्षा इकाई का उद्घाटन, बोले  

भोपाल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शनिवार को देशभर में मनाए आयोजित कार्यक्रमों के क्रम में शनिवार को केन्द्रीय जेल भोपाल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग शामिल हुए। इस दौरान केन्द्रीय जेल भोपाल में उन्होंने उच्च सुरक्षा इकाई का उद्घाटन भी किया। उन्होंने जेल परिसर के अंदर मंदिर में पूजा-अर्चना की और अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों और जेल प्रशासन को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने भोपाल केन्द्रीय जेल में नवनिर्मित उच्च सुरक्षा इकाई भवन का उद्घाटन किया। उन्नत व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए, उन्होंने कहा कि यह सुविधा जेल की सुरक्षा को मजबूत करेगी और बंदियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित करेगी। श्री सारंग ने  सुधारात्मक सुविधाओं के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित किया और कहा, ‘हमारा उद्देश्य है कि जेलों को केवल कारावास के स्थान के रूप में नहीं, बल्कि सुधार के केंद्र के रूप में देखा जाए। प्रत्येक कैदी को समाज की मुख्यधारा से जुडऩे का अवसर मिलना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के लिए जेलों में रचनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘ऐसे प्रयास कैदियों को अपने जीवन को फिर से बनाने और बेहतर भविष्य की ओर बढऩे में मदद करते हैं।’ मंत्री सारंग ने बताया कि जन्माष्टमी समारोह न केवल भोपाल में, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की जेलों में आयोजित किए गए। उन्होंने आगे कहा कि ये पहल जेल के माहौल में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करती हैं।