अपराध

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एक लाख रिश्वत लेते पकड़ा अजा विकास विभाग का बाबू

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जबलपुर लोकायुक्त टीम ने भोपाल पहुंचकर की कार्रवाई 
भोपाल। जबलपुर लोकायुक्त टीम ने सोमवार को राजधानी भोपाल पहुंचकर अनुसूचित जाति विकास विभाग के घूसखोर बाबू को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामले में 60 वर्षीय पीडि़ता उषा दाभीरकर पत्नी नरेंद्र दाभीरकर निवासी गुलाबरा जिला छिंदवाड़ा जो वाणिज्यिक कर विभाग के छिंदवाड़ा कार्यालय में सहायक वर्ग-2 के पद पर पदस्थ हैं। पीडि़ता ने लोकायुक्त एसपी जबलपुर को दिए आवेदन में बताया कि उसके जाति प्रमाण पत्र की जांच कार्यालय आयुक्त अनुसूचित जाति विकास विभाग राजीव गांधी भवन भोपाल में की जा रही थी। जांच को दबा कर रखने के एवज में आयुक्त अनुसूचित जाति विकास का बाबू (सहायक वर्ग-1) जीवन लाल बरार उससे 5 लाख रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत की पड़ताल की गई और सही पाए जाने पर लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोचने की कार्योजना तैयार की। रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेकर पीडि़ता भोपाल में आरोपी के घर मकान नंबर जी-21, प्रशासनिक अकादमी के सामने पंचशील नगर में पहुंची। घर पर जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी के हाथ में एक लाख रुपये थमाए। छुपकर खड़ी लोकायुक्त टीम ने इशारा मिलते ही 61 वर्षीय आरोपी बाबू जीवनलाल पुत्र स्व. नन्हें लाल बरार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी बाबू के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण  अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)बी, 13(2) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।