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मध्यप्रदेश

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एसपी, कलेक्टर और विधायक भूपेन्द्र सिंह को नोटिस

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हाईटेंशन लाइट से किशोर के झुलसने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने लिया संज्ञान

भोपाल। विगत 1 जनवरी 2025 को खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के भतीजे लाखन सिंह के क्रेशर पर लगे गिट्टी के ढेर पर 12 वर्षीय बालक मानस शुक्ला को लगे करंट और उपचार के दौरान हाथ काटे जाने के मामले में संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने सागर पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, विधायक भूपेन्द्र सिंह, उनके भतीजे लाखन सिंह को नोटिस जारी किया है। इस मामले में मानस के पिता राकेश शुक्ला और कांग्रेस नेता अंशुल सिंह परिहार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। शुक्रवार को हुई सुनवाई में न्यायालय ने नोटिस जारी कर संबंधितों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

घटना में झुलसे मानस के पिता का आरोप है कि पूर्व मंत्री और खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के प्रभाव के कारण पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत की थी। आयेाग ने भी इस मामले में कलेक्टर, एसपी के व्यवहार को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी। 

सार्वजनिक सूचना जारी कर चुके हैं भूपेन्द्र सिंह

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से नोटिस जारी होने के बाद 5 दिन पहले विधायक भूपेन्द्र सिंह अपने बकील के माध्यम से एक सार्वजनिक सूचना जारी कर चुके हैं। सूचना में उन्होंने परिवार के सदस्यों के अलावा किसी अन्य के परिवार का हिस्सा नहीं होने की बात लिखी थी। परिवार में भाईयों के बीच बंटवारा होने और सभी भाई और भतीजों द्वारा अपने-अपने हिस्से में मालिकाना हक के साथ काबिज होने और अपने व्यवसाय चलाने की बात लिखी थी। साथ ही उनके नाम का उपयोग किसी व्यवसाय या अवैध गतिविधि में पाए जाने, सोशल मीडिया या मीडिया में प्रचारित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।