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गिरफ्तारी से पहले उजागर हो रहे चंद्रिका पालीवाल के कारनामे

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- पति के आठ मुकदमों के बाद उसके राजनीतिक पेंठ की परतें पुलिस के सामने खुलने लगी

- एक पखवाड़े से फरार चल रही आरोपी की तलाश में अभी तक नहीं मिल सकी कामयाबी

भोपाल। बागसेवनिया थाने में दर्ज दुष्कर्म और  ठगी के मामले में फरार सह आरोपी चंद्रिका पालीवाल की छुपी परतें उजागर हो गई है। यह बात उसके गिरफ्तार हुए पति अविनाश प्रजापति से हुई पूछताछ के बाद सामने आई है। पुलिस उसकी एक पखवाड़े से तलाश कर रही है। इधर, जांच में पता चला है कि वह जब बुधनी विधानसभा चुनाव में मिर्ची बाबा की तरफ से प्रस्तावक बनी थी तब झांसी में उसके भाई के साथ जालसाजी का प्रकरण दर्ज हुआ था। 

बागसेवनिया थाना पुलिस ने 02—0& सितंबर की दरमियानी रात जालसाजी और ’यादती के दो प्रकरण दर्ज किए थे। इसमें प्रतीक गार्डन कॉलोनी निवासी मुख्य आरोपी अविनाश प्रजापति था। प्रकरण दर्ज करने के बाद उसकी तुरंत गिरफ्तारी कर ली गई थी। आरोपी ने तलाकशुदा दो महिलाओं को कुंवारा बताकर उनके साथ शादी करने का वादा करके उनसे शारीरिक संबंध बनाए थे। पीडि़त महिलाएं निजी कंपनी और बैंक में वरिष्ठ पदों पर काम करती है। मेट्रोमोनियल साइट के जरिए वह अविनाश प्रजापति के संपर्क में आई थी। आरोपी ने दोनों महिलाओं के वीडियो भी बनाए थे। जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर वह उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। इस फर्जीवाड़े में उसकी पत्नी चंद्रिका पालीवाल भी शामिल थी। दरअसल, अविनाश प्रजापति ने उसको एक कंपनी का सीईओ बताकर दोनों महिलाओं से निवेश करने का झांसा देकर पैसा ऐंठ लिए था। यह रकम चंद्रिका पालीवाल के खाते में जमा हुई थी। अविनाश प्रजापति की गिरफ्तारी के बाद उससे पीडि़त कई लोगों ने पुलिस से संपर्क साधा। जिसको जानने के बाद पुलिस भी हैरान हो गई। उसके खिलाफ देशभर में आठ जालसाजी के प्रकरण दर्ज होना पाया गया।  

झांसी पुलिस को भी है तलाश

जानकारी के अनुसार आरोपी अविनाश प्रजापति पिता पुरुषोत्तम प्रजापति के खिलाफ नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाने में पहली पत्नी ने दहेज प्रताडऩा का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद सागर, हरदा, उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में और चंडीगढ़ के सेंट्रल सेक्टर क्रमांक—17 थाने में प्रकरण दर्ज थे। यह सारे प्रकरण जालसाजी और गबन से जुड़े थे। इसके अलावा अविनाश प्रजापति के खिलाफ बैतूल जिले के जेएमएफसी कोर्ट में 1& लाख, 61 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने का परिवाद दाखिल हैं।  अविनाश नरसिंहपुर जिले का रहने वाला है। वह डेढ़ साल पहले ही भोपाल में रहने आया है। चंद्रिका पालीवाल उसकी दूसरी पत्नी है। पति-पत्नी ने अब तक करीब पांच करोड़ रुपए से ’यादा का हेर—फेर किया है। चंद्रिका पालीवाल राजगढ़ जिले की रहने वाली है। यहां मिसरोद इलाके में एक ऑटो मोबाइल कंपनी में सेल्स एक्जीक्यूटिव का काम करती थी। यहां उसकी लग्जरी कार खरीदते वक्त आरोपी अविनाश प्रजापति से दोस्ती हुई थी। अविनाश प्रजापति से कहीं ’यादा शातिर उसकी पत्नी है। उसका भाई सूरज पालीवाल है जो बहन की ही तरह ठग भी है। तीनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित थाना चिरगांव में गबन का प्रकरण दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में तीनों आरोपी गिरफ्तार हुए थे। इसी गिरफ्तारी के वक्त जेल में बंद मिर्ची बाबा के साथ पति-पत्नी के बीच मुलाकात हुई थी।