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साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा वन रक्षक

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विस्थापन के एवज की मुआवजा राशि रुकवाने की धमकी देकर मांगी थी 4 लाख की घूस 

भोपाल। कान्हों पेंच कॉरिडोर के कोर एरिए में आ रहे गांव के परिवारों के विस्थापन के लिए दी जा रही मुआवजा राशि के लिए किए जा रहे सर्वे में अलग रह रही महिला को परिवार का सदस्य बताकर शेष मुआवजा राशि 5 लाख रुपये रुकवाने की धमकी देकर चार लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर बालाघाट जिले में पदस्थ वन रक्षक को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यु) ने साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 

बैगा जाति के 27 वर्षीय आवेदक राजेन्द्र धुर्वे पिता फागुलाल धुर्वे निवासी वनग्राम नवेगांव तहसील लालबर्रा जिला बालाघाट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को 16 सितम्बर को दिए आवेदन में बताया कि उसका वनग्राम नवेगांव कान्हा पेंच कॉरीडोर के कोर एरिया में आ जाने एवं इस एरिया में जंगली जानवरों की संख्या अधिक हो जाने के कारण इस गांव के परिवारों का विस्थापन किया जा रहा है। विस्थापन के मुआवजे के रूप में परिवार की प्रत्येक यूनिट (पति एवं पत्नी की एक यूनिट तथा एकल सदस्य की भी एक यूनिट) को 15 लाख रुपये के मान से मुआवजा दिया जा रहा है। इसका सर्वे वन विभाग द्वारा किया जाकर सूची तैयार की गयी है। आवेदक के परिवार के 5 सदस्यों को यह राषि मिलना थी। गांव की ही सुखवन्ती बाई का नाम एक वर्ष पूर्व ही कमेटी द्वारा मुआवजे हेतु तय कर दिया था और उसको हिस्से की राशि में से 5 लाख मिल गए थे, शेष राशि नहीं मिली है। सुखवन्ती बाई विगत लगभग 3-4 महीने से आवेदक राजेन्द्र धुर्वे के साथ बिना विवाह किए आकर रहने लगी थी। इस कारण से आरोपी मत्तम नगपुरे, वन रक्षक वन रक्षक बीट गार्ड नवेगांव, वन परिक्षेत्र लालबर्रा, जिला बालाघाट यह कह कर आवेदक से रिश्वत की मांग कर रहा था कि वह सुखवन्ती का नाम सूची से अलग करवा देगा, जिससे उसका बाकी पैसा नही मिलेगा और आवेदक के परिवार का बाकी पैसा भी नही मिलेगा। रिश्वत 4 लाख रुपये मांगी गई, लेकिन सौदा साढ़े तीन लाख रुपये में पट गया। रिश्वत के लिए स्थान भारतीय स्टेट बैंक के पास लालबर्रा जिला बालाघाट तय हुआ। गुरूवार को जैसे ही आवेदक ने आरोपी को साढ़े तीन लाख रुपये थमाए। सतर्क खड़ी ईओडब्ल्यू टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018की धारा 7 (ए)के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।