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पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज

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भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में फंसे परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की जमानत याचिका को जबलपुर हाईकोर्ट ने शनिवार को खारिज कर दिया। याचिका को खारिज करने का आधार उस पर लगे गंभीर आरोप रहे। 

ईडी के अधिवक्ता विक्रम सिंह ने न्यायालय को बताया कि सौरभ शर्मा ने काली कमाई से अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदीं। उसकी 108 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है, लॉकर्स से भी 2 करोड़ के जेवर जब्त किए गए हैं। सौरभ शर्मा के ठिकानों पर पिछले साल 17 दिसंबर को छापा मारा गया था। कई दिनों बाद उसे पकड़ा जा सका था। 4 फरवरी से वह जेल में ही है। सौरभ शर्मा ने जबलपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई जिस पर &0 जुलाई को सुनवाई हुई, हालांकि न्यायालय ने ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।  सौरभ शर्मा के वकील ने न्यायालय में में कहा था कि उसके नाम की संपत्तियां से उसका कोई लेना-देना नहीं है। शर्मा ने बरामद की गई राशि से भी पल्ला झाडऩे का प्रयास भी किया। लेकिन न्यायालय ने ईडी की ओर से रखे गए पक्ष को मजबूत मानकर जमानत याचिका खारिज कर दी।