Gossip गुगली
Hidden Picture'S "Gossip गुगली" पर्दे के पीछे के किस्से - कमलदल विरोधी महाराज के मंत्री का दुलारा - दलाल के झांसे में एक खोका गवां बैठे साहब
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*कमलदल विरोधी महाराज के मंत्री का दुलारा*
सात साल पहले के चुनाव में कमलदल का धुर विरोधी और डेढ़ साल की कमल सत्ता में खुद को ठोस पंजाई बताने वाला 420 इन दिनों महाराज के मंत्री का न केवल खास है और फूड से प्रोटीन निकलकर मंत्री जी का पोषण कर रहा है।बता दें कि संस्कारधानी की एक सीट से पूर्व विधायक को 18 का चुनाव हराने के लिए ऐडी चोटी का जोर लगाने वाला यह मंत्रीदूत किसानों के हक और सरकारी खजाने का एक खोका से ज्यादा डकार गया था। किसान सड़कों पर आए तब विधायक को पता चला था। तब जाकर धोखाधड़ी और अमानत में ख़यानत की fir हुई थी। 420 तो 420 ही होता है। कमल दल की विधायक से लेकर पूर्व मुखिया को बैरी बताया, दुखभरी दास्तान सुनाकर खुद को बेदाग पंजाई भी बताया इस तरह
नाथ के मंत्री को शीशे में उतर तन खां तक सेटिंग बिठाई। केस खतम करने मंत्रालय की पांचवीं मंजिल तक फाइल दौड़ी, सबसे बड़े साहब की कलम पर अमल होता उससे ससे पहले की सरकार धसक गई। सूबे में कमल की जगह कमलदल फिर से खिला तो अजगर की तरह गुलाटी खाते देर न लगी। चौथी शिव सरकार में फूड मंत्री का सगा बन गया। खास बात यह कि मंत्री के सामने झुककर नहीं बल्कि संघटन के सह का खास बताकर सीना तान कर 23 तक डटा रहा। लेकिन सत्ता का केंद्र महाकाल की नगरी हुई तो फूड महाराज के मंत्री की थाली में आ गया। किसानों के हक पर डाका डालने वाला जुगाड लगा कर नए मंत्री का भी खास बना बैठा है। खास बात यह है कि जिस विभाग और कॉरपोरेशन की चाकरी करते हुए घोटाला हुआ। घोटालेबाज न केवल उसी ऑफिस से तनख़ा तो ठेका कर्मचारी की ले रहा है, लेकिन काम बॉस की तरह संभाले है। मंत्री की शह के चलते Fir करने वाला अधिकारी भी इसके सामने कुर्सी पर बैठने की हिम्मत नहीं कर पा रहा। आरोपी खुद को संघटन का खास बताकर विधायक तक के टिकट दिलाने के फर्जी दावे करता है। हां लेकिन पूर्व विधायक को अब इसकी करतूत पता चल गई हों, सो जल्द उनका विधायक पुत्र 420 के साथ मंत्री जी की भी शिकायत संघटन तक पहुंचाने वाला है।
दलाल के झांसे में एक खोका गवां बैठे साहब
मप्र के पुराने मुखिया के करीबी रहे पोहरी वाले प्रमोटी साहब इन दिनों टेंशन के दौर से गुजर रहे है। कारण नए मुखिया से पटरी नहीं बैठना तो है ही, एक ट्रांसफरिए दलाल द्वारा साहब से एक खोके की ठगी भी कर ली है। कलेक्टरी से मंत्रालय के होम पहुंचे साहब बुंदेलखंड के एक जिले में फिर से कलेक्टरी के प्रयास में थे। मंत्रालय के गलियारों में झांसे की पोटली टांगकर विचरण करने वाले एक फर्जी दलाल ने उन्हें अपने आईने में उतार लिया। डील पक्की हो गई तो साहब ने एक फाइनेंसर से दलाल को वन सीआर भी दिला दिए। साहब बुंदेलखंड के लिए पैकिंग लिए तैयार बैठे ही थे । मंत्रालय से जारी सूची में साहब का नाम भी आ गया लेकिन बुंदेलखंड में कलेक्टरी नहीं बल्कि राजधानी में ही एक लूपलाइन पोस्टिंग के लिए। साहब ने तुरंत फाइनेंसर को दलाल के पास भेजा तो वह दो टूक बोला राजधानी में पोस्टिंग कोई खराब नहीं है। साहब के हाथ से खोका भी गया और मनचाही पोस्टिंग भी नहीं मिल सकी सो साहब टेंशन में चल रहे है। क्योंकि दलाल को दिए खोके की कोई लिखापढ़ी तो है नहीं, न ही वे किसी को बता पा रहे हैं।
साहब ने साथियों से पता चला कि जिस दलाल के झांसे में फंसे है, वह फर्जी है। खुद की संघटन में पकड़ बताकर कई अधिकारियों कर्मचारियों से ठगी कर चुका है। साहब अब साथी अधिकारियों को इस दलाल से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
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