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आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से ज्यादा ना हो, वरना चुनाव ही रोक देंगे, सर्वोच्च न्यायालय की की सख्त चेतावनी

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नई दिल्ली। आरक्षण से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को चुनाव पर रोक तक लगाने की चेतावनी दे दी है। अदालत ने सोमवार को साफ कर दिया है कि स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा की अनुमति नहीं दी जाएगी। खास बात है कि अदालत की तरफ से चेतावनी ऐसे समय पर आई है, जब निकाय चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार से शुरू हो रही है। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाला बगची की बेंच सुनवाई कर रही थी।

शीर्ष अदालत ने कहा, 'अगर दलील यह है कि नामांकन शुरू हो गया है और अदालत को अपना काम रोक देना चाहिए, तो हम चुनाव पर रोक लगा देंगे। इस अदालत की शक्तियों का इम्तिहान न लें।'

पीठ ने कहा, “हमारा संविधान पीठ द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा को पार करने का कभी इरादा नहीं था। हम दो न्यायाधीशों वाली पीठ में बैठकर ऐसा नहीं कर सकते। बांठिया आयोग की रिपोर्ट अब भी न्यायालय में विचाराधीन है, हमने पहले की स्थिति के अनुसार चुनाव कराने की अनुमति दी थी।”

शीर्ष अदालत ने उन याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किया, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है।