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कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा परिसर में कटे चंदन के पेड़

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सत्र के दौरान सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल, आरी लेकर विधानसभा में कैसे घुसे चोर 

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर लगाई गई कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार-गुरूवार की रात परिसर में पार्किंग के बीच लगे चंदन के तीन पेड़ों को काटे जाने का मामला सामने आया है। एक पेड़ पूरी तरह काट दिया गया है, जबकि दो अन्य पेड़ों को भी आरी से काटने का प्रयास हुआ है। 

विधानसभा परिसर में चंदन के पेड़ काटे जाने की जानकारी उस समय लगी जब शीतकालीन सत्र के चौथे दिन अधिकारी-कर्मचारी विधानसभा पहुंचे। पार्किंग में वाहन पार्क करते समय यहां विधानसभा कर्मियों को एक पेड़ कटा और दो अधकटे नजर आए। अधिकारियों तक चंदन के पेड़ काटे जाने की जानकारी पहुंची तो हडक़ंप मच गया। 

सत्र के दौरान चौकस सुरक्षा-व्यवस्था पर उठे सवाल? 

एक दिसम्बर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। बुधवार को स्थानीय अवकाश के चलते विधानसभा की बैठक नहीं हुई, लेकिन फिर भी परिसर में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात था। सत्र के दौरान विधानसभा सुरक्षा व्यवस्था के अलावा जिला पुलिस बल और रिजर्व पुलिस बल से भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाता है। बिना कारण बताए और परिचय पत्र के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होती है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। ऐसी स्थिति में चोर आरी लेकर कैसे परिसर में घुसे? पेड़ भी काटे लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी और चोर परिसर से निकल भी भागे। विधानसभा सचिवालय और पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज देखकर चोरों का पता लगाएगा। 

घटना पर कांग्रेस ने खड़े किए सवाल 

विधानसभा परिसर से चंदन के पेड़ काटे जाने को गंभीर घटना बताते हुए पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि भाजपा की सरकार पूरी तरह से सत्ता के नशे में मदहोश है। जब चंदन के पेड़ों की सुरक्षा विधानसभा में नहीं हो सकती है, यहीं कटाई हो सकती है तो समझ सकते हैं सरकार कितनी गहरी नींद में सोई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाक के नीचे चंदन के पेड़ विधानसभा में सुरक्षित नहीं हैं। यह मध्य प्रदेश की सर्वोच्च संस्था है। जहां पेड़ कट गए हैं तो प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का अनुमान लगा लीजिए।

अधिकारी-नेताओं के बंगलों से कटते रहे हैं पेड़ 

राजधानी में कड़ी सुरक्षा के बीच चंदन के पेड़ कट जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले कई अधिकारियों, मंत्रियों और नेताओं के बंगलों के अंदर से भी चंदन के पेड़ काटे जा चुके हैं। पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, डीएफओ कार्यालय परिसर, रेलवे मजिस्ट्रेट बंगला, चार इमली स्थित नर्सरी आदि सुरक्षित स्थानों से चोर चंदन के पेड़ काटते रहे हैं।