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Gossip गुगली - फोटू और पवार काजें मिसुर जी की उछल कूद, मामा का ‘रज्जू’ नहीं जीत पा रहा एमपी के डॉक्टर का भरोसा
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फोटू और पवार काजें मिसुर जी की उछल कूद
सूबे के सबसे बड़े सदन में बड़े साहब आखिर बदल ही गए। निवर्तमान साहब के उतरने से पहले से उनकी कुर्सी को लपकने के लिए घात लगाए बैठे रहे अपने मिसुर जी का कुर्सी का सपना तो पूरा नहीं हो सका क्योंकि अपने जिन माननीय से अप्रोच लगा रहे थे, वही दिल्ली से कुर्सी का असली हकदार पकड़ लाए। खैर भले माननीय के नीचे वाली कुर्सी दिल्ली से आए साहब ने हथिया ली हो, लेकिन ठाकुर साहब के चरण तो मिसुर जी के ही कब्जे में है।इसका भरपूर लाभ भी उन्हें मिल रहा है। ऑफिस में कामचोरी, साथियों पर रुतबा, देश - विदेश के टूर, सूबे के साहब लोगों पर पावर की ठसक और माननीय के पीछे ठाड़े होकर फोटू की छपास का सपना तो पूरा हो ही रहा है। जिसके लिए उन्हें हर वक्त उछल कूद जो करनी पड़ती हैं। सपना और शौक दोनों की ही जनक सोच है, जो शरीर में स्फूर्ति और जेब को गर्मी प्रदान करती है, लगे रहिए मिसुर जी......
मामा का ‘रज्जू’ नहीं जीत पा रहा एमपी के डॉक्टर का भरोसा
कभी मप्र के मम्मा के खसमखास और उनके बड़े राजदार रहे रज्जू भैया इन दिनों पार्टी कार्यालय में पैदल परिक्रमा करते देखे जा सकते हैं। कार्यालय से तो उनका पुराना नाता भी है, लेकिन क्या परिवहन, क्या आबकारी और क्या ट्रांसफर पोस्टिंग जो कारोबार रज्जू के इशारे पर चलता था, आज अपनी पुरानी जुगाड़ों तक को ट्रांसफर का भरोसा नहीं दे पा रहे हैं। लोग कानाफूसी से नहीं चूक रहे, कि अपने रज्जू भैया, जिनकी कभी सूबे की सरकार में तूती बोलती थी, वे जहां जाते थे, चापलूसों की भीड़ घेर लेती थी, अब अकेले और बेगाने नजर आ रहे हैं। मम्मा की एप्रोच से टिकट तो नहीं मिल पाया था, लेकिन दल में दायित्व जरूर मिल गया है। ' अन-ऑफिशियल काम' जिनका उन्हें कर्रा अनुभव है, उपयोग नहीं होने से रज्जू भारी बेचैन हैं। अपने रज्जू पर मम्मा की छाप जो लगी है सो सूबे के नए डॉक्टर उन पर भरोसा तो दूर, भरोसे का मन तक नहीं बना पा रहे हैं। नई सरकार में सेटिंग के लिए अब वे संगठन और डॉक्टर साहब के करीबियों के चक्कर लगा रहे हैं। परंतु वे भी कैसे भूलें कि ये वही रज्जू भैया हैं, जो प्रणाम के जवाब में मर्सडीज का कांच तक नीचे नहीं करते थे। खैर रज्जू भैया को हमारी तो यही सलाह है कि अभी ठंडे ही रहो, समय के पहिए की ढलान अभी तो शुरू ही हुई है। अभी से इतनी बेचैनी ठीक नहीं। इसे ऊपर चढ़ने में थोड़ा टाइम तो लगेगा ही न। हां तब तक सत्ता के रौब में अनबैलेंस हो चुकी नासिका का ऑपरेशन ही करा लें।
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