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तेंदुआ की खाल की तस्करी करने वालों को 4-4 साल की जेल, 50 हजार अर्थदण्ड

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भोपाल। जबलपुर में तेंदुआ की खाल की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को भोपाल जिला न्यायालय ने 4-4 साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। 

23 दिसम्बर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अग्नीन्ध्र कुमार द्विवेदी के न्यायालय ने यह फैसला प्रतिबंधित वन्य प्राणी तेन्दुआ की दो नग खाल की तस्करी के मामले में सुनाई। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 51 के अंर्तगत आरोपी बिल्लौर सिंह सोलंकी एवं कैलाश सोलंकी को दोषसिद्ध  पाते हुये दोनों आरोपियों को 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000-25,000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया है। 

इस तरह पकड़े आरोपी 

19 फरवरी 2018 को एसटीएफ कार्यालय जबलपुर में पदस्थ निरीक्षक हरिओम दीक्षित को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खरगौन निवासी दो व्यक्ति तेन्दुए की खाल बेचने का प्रयास कर रहे है। इस सूचना से भोपाल मे वरष्ठि अधिकारियो को अवगत कराकर निरीक्षक टीम सहित मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर 20 फरवरी 2018 को रवाना हुए। 21 फरवरी 2018 को फिर से निरीक्षक को मुखबिर ने सूचना दी कि संदिग्ध बिल्लौर सिंह सोलंकी एवं कैलाश सोलंकी दोपहर के समय खाल बेचने के लिये निकलेंगे। निरीक्षक अपनी टीम के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचे और मुखबिर के इशारा करते ही दोनों आरोपियों को पकडक़र उनके पास से तेंदुए की दो खाल बरामद कीं, जो चार हिस्सों मे थी। धड पूछ सहित, जबडा पूरा केनाईन दांतो सहित, मौके पर जब्त किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद थाना एसटीएफ भोपाल में धारा 9, 41, 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंर्तगत एफआईआर दर्ज की गई।