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Gossip गुगली: हवा के झरोखे से ही परिवहन के आम झड़ा रहे तोंदू, नेताजी के सपनों में झांक रही सरकारी कुर्सी, मुखिया तक पहुंची नेता और परिवहन वाले उनके छोटा की शिकायत

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हवा के झरोखे से ही परिवहन के आम झड़ा रहे तोंदू

Hidden picture Gossip गुगली।परिवहन की लूट से तोंद को और अधिक विस्तार देने वाले तोंदू साहिब का महाकाल की भक्ति में कतई मन नहीं लग रिया है। खाकी वर्दी की सेवा से बैलेंस बचे कुल डेढ़क साल साहब परिवहन की गाड़ी फिर से सवारी की तमन्ना पाले हैं। संघटन के जिस जैक का उपयोग पेले किया फिर से उसी को उचकाने में जुटे है। साहब को आभास भी नहीं है कि परिवहन की गली में अबकी बार झांके भी तो उन्हें उचकाने वाले कई जैक लाइन लगाकर तैयार खड़े है। मुख्यालय शहर वाली सरकारी मेस में बसेरा कर जितने अंडे और कलेजी हजम किए है, वो सारी मुर्गियां और बकरे साहब की  भुर्जी बनाने की तैयारी में है। हालांकि तोंदू के नाम पर वर्दी वाले मुखिया हामी भरने को तैयार नहीं हो रहे है। सरकार के मुखिया भी तोंदू को लाइक नहीं कर रए हैं। इसलिए तोंदू खुद भी परिवहन की सवारी का कॉन्फिडेंस नहीं जुटा पा रहे हैं।परिवहन की सीट की चाहत भर से तोंदू साहब ने एक नई तरकीब निकाल डाली है। परिवहन की सीट मिले न मिले, जल्द ही उसकी सवारी की हवा बनाकर ही साहब पॉइंट प्रभारियों से खोका डकार चुके है।लालच और भय के कॉकटेल के बीच तोंदू को कई प्रभारी महंगी खरीद भी करा चुके है। हवा के प्रभाव में फंसे कई प्रभारियों ने बड़ा खर्चा कर अभी से तोंदू के करीबी बढ़ानी शुरू कर डाली। सूत्रों का कहना है कि दुकान जमाने में जुटे प्रभारियों ने तोंदू की जी हुजूरी में खोका तक उड़ेल दिया है। अब देखते है तोंदू का जैक कितना काम करता है। या फिर हवा के झरोखे से ही तोंदू परिवहन के आम कब तक झड़ा पाते है।


नेताजी के सपनों में झांक रही सरकारी कुर्सी

सत्ता का लालच ऐसा कि चंबल वाले नेताजी पंजादल की विधायकी छोड़कर कमल के फूल पर आ बैठे। नेताजी को भरोसा था कि 20 साल सत्ता का दम, ईव्हीएम के फीसलते बटन और गिफ्ट में मिली मंत्री की कुर्सी विधायकी तो जीता ही देगी। इलेक्शन भी हुए और नेताजी मैदान में भी कूंदे लेकिन ये क्या जिन निरीह आदिवासी परिवारों पर नेताजी की गुंडई और पावर राज करता था, वो अचानक धराशाई होकर धड़ाम गिर गए। अब दो सालों से नेताजी सरकारी कुर्सी की तलाश में कभी राजधानी तो कभी सोपुर के जंगलन की टहनियां गिन रहे है। जादा के लालच में नेताजी विधायकी के संग भौत कुछ गवा बैठे हैं। कुर्सी के चक्कर में नेताजी इतने चकर घिन्नी घूम रहे हैं कि उन्हें दिन - रात सपने में भी सरकारी कुर्सी नजर आ रही ही।


मुखिया तक पहुंची नेता और परिवहन वाले उनके छोटा  की शिकायत, 

परिवहन में सितारों से वंचित कई फीती वाले राजनीतिक या मोटी घूस के दम पर बैरियर सम्भाले है। मुखिया को बेवकूफ बनाकर दिन रात ट्रकों को लूट रहे है। जल्द इनकी खोपड़ी पर प्रभारी का भार डालकर वसूली की कमान छिन सकती है। इनमें विधायकी की कुर्सी गवां चुके चंबल वाले नेता का छोटा की शिकायत बहुत ऊपर तक पहुंची है। शिकायत हुई है कि छोटा लॉरियों से एक और डेढ़ हजार से कम नहीं उतार रहा है। नेताजी भी कमलदल की जड़ें उखाड़ने में जुटे है। सो नेता और उनके छोटा की करतूतें मुखिया के कानों तक पहुंच गई है। सो प्रदेश मुखिया ने नेताजी की नाक  संघटन से नाथवाने और लुटेरे भाई के गले में रस्सी डालने के निर्देश परिवहन के मुखिया को दिए है। राजस्थान बॉडर पर ट्रक चालकों को लूटने वाले नेता के भाई को घेरने की पूरी तैयारी विरोधी भी कर चुके है। सो इसकी फ़र्जी डिग्री और अंकों की सूची की हकीकत भी जल्द बाहर आ सकती है।