देश

Image Alt Text

आयुर्वेद महाविद्यालयों में 70 साल तक पढ़ा सकेंगे शिक्षक, केन्द्र सरकार के निर्णय का कहीं स्वागत, कहीं विरोध

देश

भोपाल। भोपाल (मप्र) जोधपुर (राजस्थान), पटना (बिहार), वाराणसी (उत्तरप्रदेश), नईदिल्ली, देहरादून (उत्तराखण्ड), छत्तीसगढ़, समेत देशभर के आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालयों में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। 

सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाए जाने के संबंध में भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नईदिल्ली के भारतीय चिकित्सा प्रणालियों के लिए चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ मुकुल पटेल द्वारा जारी पत्र एमईएसएआर यूजी आयुर्वेद रेग्युलेशन में स्पष्ट किया गया है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पाण्डेय ने बताया कि मप्र सहित देशभर में लगभग 625  आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में 30 हजार से ज्यादा चिकित्सा शिक्षक कार्यरत है। शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों में आयु सीमा राज्य सरकारों के विवेक पर निर्भर है कि कब आयु सीमा में बढ़ोतरी करनी है, परंतु आयोग ने 70 वर्ष स्पष्ट कर दी है। वहीं राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, नईदिल्ली, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात समेत पूरे प्रदेशों से आयोग के इस निर्णय का विरोध सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्म के माध्यम से सामने आ रहा है। कई चिकित्सा शिक्षक जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या होने वाले हैं, वे सरकार के इस निर्णय से खुश हैं। चिकित्सकों का मानना है कि 70 वर्ष आयुसीमा करने से युवाओं के रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे।