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पूर्व वरिष्ठ जिला पंजीयन पर ईडी ने दर्ज की पीसी, नोटिस जारी

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भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल ने जिले के पूर्व वरिष्ठ उप पंजीयक भोपाल, सोबरन सिंह अपौरिया के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विगत 19 जनवरी को स्पेशल पीएमएलए न्यायालय, भोपाल में एक अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। इसके अलावा, आरोपी के खिलाफ पूर्व संज्ञान (प्री-कॉग्निजेंस) सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी किया है। 

ईडी ने यह कार्रवाई विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय, भोपाल ने विशेष न्यायालय, भोपाल में सोबरन सिंह अपौरिया के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1) (ई) आर/2 13 (2) के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ईडी की जांच में पता चला कि सोबरन सिंह अपौरिया ने वरिष्ठ उप पंजीयक, भोपाल के पद एक सरकारी कर्मचारी के तौर पर काम करते हुए, अपनी आधिकारिक स्थिति का आपराधिक रूप से दुरुपयोग करके अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति अर्जित की, जो 97 लाख 13 हजार 289 रुपये थी। यह भी पता चला कि वह अपराध की आय का लाभार्थी था और उसने अनुसूचित अपराध से उत्पन्न अपराध की आय के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया।

स्वयं बचने परिजनों के बैंक खातों में डलवाई नकदी 

ईडी की जांच में पता चला कि जांच अवधि के दौरान भी सोबरन सिंह अपौरिया ने पद का दुरुपयोग करके, अपनी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति जमा की। इसमें पर्याप्त मात्रा में अवैधानिक रूप से अर्जित की गई आय शामिल थी। इसके बाद, उसने जानबूझकर इस आय को बनाए रखने, छिपाने और ऐशो-आराम के लिए एक शोधन तंत्र तैयार किया और लागू किया। संपत्तियों के स्वामित्व से स्वयं को दूर रखने की कोशिश की। उसने जानबूझकर अवैधानिक रूप से अर्जित आय को अपने पास रखा, छिपाया और इस्तेमाल किया एवं कई परिजनों के बैंक खातों के माध्यम से अवैध नकदी को रूट करके और उसे वित्तीय साधनों और संपत्तियों में बदलकर उन्हें बेदाग के रूप में प्रस्तुत किया।