Gossip गुगली

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Hidden Picture's Gossip गुगली: मामा मांगे मोर, मोहन की बॉल पर क्लीन बोल्ड, युवा अध्यक्ष के झांकी - झरोखे पर संघटन की नजर

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मामा मांगे मोर, मोहन की बॉल पर क्लीन बोल्ड

Gossip गुगली। दो दशक तक एम पी की सत्ता की के शीर्ष पर बैठे रहे मामा की कुर्सी बदलकर कमलदल के मुखिया ने दिल्ली अपने पास बुला लिया। लेकिन मामा है कि एमपी छोड़ने को तैयार नहीं। बार बार मोहन की नाक में उंगली डालकर कुरेदना शुरू कर देता है। बात कलहई की है,  मामा ने सभी सूबों के हलधर विभाग के बजीरों को पंडित प्रदीप मिश्रा की नगरी में न्योता दे दिया। वैसे ये नगरी भी मामा के इलेक्शन एरिया में आती है। यहां मामा ने चाल कुछ और ही चली थी, लेकिन एक दिन पहले ही मोहन की एक घोषणा ने मामा की रणनीति और चालाकी की हवा निकाल दी। मामा ने न चाहते हुए मोहन को आमंत्रण दिया और मोहन ने यहां भी मामा का खेल खराब कर दिया। अब बेचारे मामा को सूझ नहीं रहा है कि उसकी पसंदीदा कुर्सी पर जमे मोहन को कैसे फैल साबित करे। लोग कह रहे हैं मोहन के भुने भटा मामा ने पहली बार खाए है। मामा को अब ये एहसास हो जाना चाहिए कि मोहन के रहते अब एमपी में उसकी दाल तो नहीं गल पाएगी, हरकत जारी रही तो दिल्ली का रास्ता भी बंद हो सकता है।

युवा अध्यक्ष के झांकी - झरोखे पर संघटन की नजर

सत्ता दल में शाजापुर वाले जिला अध्यक्ष को प्रदेश की युवा इकाई की कमान थामे  पूरे ढाई महीना हो चुके है। लेकिन भैया का स्वागत - सत्कार ही खतम नई हो पा रिया। कमलदल के सूबा सदर के होर्डिंग संदेश की तर्ज पर भैया ने भी स्वागत के लिए पहुंच रहे युवा साथियों के लिए ऑफिस के दरवाजे पर संदेश  पर्ची चिपका रखी है कि बुके और माला फिजूल खर्ची, ये तो नहीं चलेगी। भैया ने फोटू वाली बड़ी-बड़ी तस्वीरें और भांति भांति के प्रतीक लेने से मना थोड़े न किया है, सो शाजापुर से भोपाल मुख्यालय तक भैया की जै जै करने वाले युवा उमड़ रहे है। इस जै जै कार के प्रभाव में भैया भी फूलकर गुब्बारा हुए जा रहे हैं। भैया को हमारी तो अनुभव भरी सलाह यही है कि राजनीति के इस भ्रमजाल से बाहर निकले, पद के प्रभाव का आभा मंडल पदों के आवंटन तक ज्यादा चमक मारेगा। इसलिए आसमान में उड़ने की बजाय धरातल पर अभी से रेंगना शुरू कर ही दो। जा कमलदल है, जिस मुखिया की शिफारिश पर कुर्सी मिली है, वो भी हाथ न लगाएंगे। अति के स्वागत - समारोह और झांकी झरोखे से खेल चटक सकता है। दो साल बाद चुनाव का बिगुल बजेगा, उसके पहले प्रदेश भर में प्रवास भी होने है और युवाओं की बड़ी टीम भी चुननी है और खुद को साबित भी करना है, ऐसे तो न हो पाएगा भैया....