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पूर्व उप संचालक की 11.81 करोड़ अचल संपत्ति अटैच, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी पर ईओडब्ल्यू की एफआईआर पर ईडी ने लिया संज्ञान

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भोपाल। आदिम जाति कल्याण विभाग, जबलपुर के पूर्व उप संचालक द्वारा पद पर रहते हुए राजधानी भोपाल सहित चार जिलों में अवैध रूप से जुटाई गई 11.81 करोड़ की अचल संपत्ति एवं जमा नगदी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अटैच किया है।

संचालक प्रवर्तन निदेशालय, भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने आदिम जाति कल्याण विभाग, जबलपुर के पूर्व उप संचालक जगदीश प्रसाद सरवटे की 11.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। ईडी ने इस मामले की जांच पूर्व में ईओडब्ल्यू जबलपुर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत शुरू की थी। जिसमें आय के ज्ञात स्रोतों से ज़्यादा संपत्ति जमा करने का आरोप है। 

राजधानी सहित चार जिलों में भूमि, एक रेस्टोरेंट 

ईडी की जांच से पता चला कि जगदीश प्रसाद ने जांच अवधि के दौरान, मध्य प्रदेश के जबलपुर में आदिम जाति कल्याण विभाग में काम करते हुए अवैध रूप से कमाए गए पैसों से कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें मध्य प्रदेश के भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी जिलों में आवासीय संपत्तियां, खेती की ज़मीन और व्यवसायिक ज़मीन, रेस्टोरेंट शामिल हैं। कई संपत्तियां बड़ा नगर भुगतान कर खरीदीं, जबकि कुछ संपत्तियों को लोन लेकर खरीदना बताया, जिसकी लोन किस्तों का भुगतान बिना बताए खातों में जमा की गई राशि से किया गया। 

9 अचल संपत्तियां की अटैच 

जांच में सामने आया कि सरवटे ने अपने अधिकारिक पद का गलत उपयोग कर भ्रष्टाचार से पैसे कमाए और बाद में उसे अचल संपत्तियों में लगाकर, लेयरिंग और इंटीग्रेशन के माध्यम से शोधन किया, जिससे दागी फंड को बिना दाग वाली संपत्ति के तौर पर दिखाया गया। इस तरह ईडी ने सरवटे की 11.81 करोड़ रुपये कीमत2 की 9 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया। इसके अलावा बैंक आदि में जमा1.5 करोड़ रुपये भी सीज किए हैं, ताकि उनके ट्रांसफर या डिस्पोजल को रोका जा सके और जब्ती की कार्रवाई की जा सके।