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रेलवे के दिवंगत मंडल अभियंता की पत्नी के विरुद्ध अभियोजन शिकायत फाइल, फ्लैट, एफडी, बैंक बैलेंस सहित 1.58 करोड़ की संपत्ति जब्त

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भोपाल। पश्चिमी रेलवे, राजकोट डिवीजन (गुजरात) के तत्कालीन मंडल अभियंता स्वर्गीय वेदप्रकाश श्रीवास्तव की पत्नी श्रीमती विभा श्रीवास्तव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय, भोपाल टीम ने 10 मार्च को विशेष न्यायालय (धनशोधन), जबलपुर में  प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेंड फाइल की है। यह कार्रवाई स्व. वेदप्रकाश श्रीवास्तव द्वारा अर्जित आय से अधिक संपत्ति के मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में की गई है। इस मामले में, न्यायालय ने आरोपी श्रीमती विभा श्रीवास्तव को प्री-कॉग्निज़ेंस हियरिंग के लिए नोटिस जारी किया है। 

ईडी ने इस मामले में जांच सीबीआई, एसीबी, जबलपुर द्वारा पूर्व में आईपीसी की धारा 109, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ 13(1)(ई) के तहत तत्कालीन मंडल अभियंता स्वर्गीय वेद प्रकाश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी श्रीमती विभा श्रीवास्तव के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इसके बाद, सीबीआई ने सीबीआई मामलों के लिए एलडी विशेष न्यायालय, जबलपुर के समक्ष आरोप पत्र/अंतिम रिपोर्ट संख्या 02/2023 दिनांक 23 मई 2023 दायर की। ईडी की जांच से पता चला कि स्वर्गीय वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने रेलवे में एक लोक सेवक के रूप में काम करते हुए 1 अप्रैल 2008 से 25 मई 2018 तक की चैकिंग अविधि के दौरान उनकी ज्ञात वैध आय से लगभग 112.39 प्रतिशत ज्यादा लगभग 1.66 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां, बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, पीपीएफ निवेश और स्वयं एवं पत्नी तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर कई संपत्तियां अर्जि कीं। इस मामले में अपराध से हुई कुल कमाई लगभग 1.66 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जांच के दौरान, ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत 5 फरवरी 2026 के प्राथमिक अटैचमेंट ऑर्डर के माध्यम से लगभग 1.58 करोड़ रुपये की संपत्तियां प्राथमिक रूप में अटैच की हैं। अटैच की गई संपत्तियों में स्वर्गीय वेद प्रकाश श्रीवास्तव और श्रीमती विभा श्रीवास्तव के नाम पर रखे गए दो आवासीय फ्लैट, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस शामिल हैं।