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पीएनबी से धोखाधड़ी करने वालों पर धनशोधन का प्रकरण दर्ज, ईडी पहले ही कुर्क हो चुकी है 400 करोड़ कीमत की अचल संपत्तियां

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इंदौर/भोपाल। कोल्ड स्टॉरेज निर्माण के नाम पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 350 करोड़ का सावधि (टर्म लोन) लेकर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर बैंक से धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए) इंदौर के समक्ष, मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), के तहत अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है।

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में दर्ज प्रकरण के आधार पर शुरू की थी। इस प्रकरण मे राम पाटीदार एवं अन्य के विरुद्ध कथित तौर पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी करने और बैंक को अनुचित हानि पहुंचाने का आरोप था। ईडी की जांच में पता चला कि राम पाटीदार ने मेसर्स नर्मदा शीत गृह के नाम पर एक कोल्ड स्टोरेज सुविधा के निर्माण के लिए पंजाब नेशनल बैंक से 3.50 करोड़ रुपये का टर्म लोन लिया था। हालांकि, ऋण राशि का उपयोग उसने कोल्ड स्टॉरेज निर्माण के लिए नहीं किया, बल्कि राशि को अलग-अलग खातों में भेज दिया, जिनका नियंत्रण और प्रबंधन स्वयं राम पाटीदार के हाथों में था। जिन लोगों के खातों में यह राशि डाली उनके परमानंद पाटीदार, महिंद्रा पाटीदार, मिथुन डाबर सहित अन्य लोग शामिल थे। आरोपियों ने गड़बड़ी कर पीएनबी को कुल 3.36 करोड़ रुपये का घाटा पहुंचाया और स्वयं अनुचित लाभ अर्जित किया। इससे पहले ईडी इस मामले में लगभग 4 करोड़ रुपये बाजार मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है।