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धनशोधन मामले में ईडी ने कंपनी और संचालाकों की शिकायत दर्ज

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भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने विशेष न्यायालय (धनशोधन), भोपाल के समक्ष मेसर्स एक्सल व्हीकल प्रायवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत, एक अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। नोटिस जारी होने पर आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए तो उन्हें अभियोजन शिकायत तथा जिन दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई हुई, उनकी प्रतियां सौंपी गईं। 

प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई पूर्व में सीबीआई, एसीबी भोपाल द्वारा कंपनी और उसके निदेशकों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिताऔर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। इस मामले में आरोप था कि कंपनी और निदेशकों ने पर आरोप ािा कि उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के साथ  कथित तौर पर धोखाधड़ी की, जिससे बैंक को लगभग 42 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद, सीबीआई ने 20 दिसम्बर 2022 को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई मामले), इंदौर के समक्ष एक आरोप पत्र/अंतिम रिपोर्ट दायर की। धनशोधन जांच के दौरान 6 नवम्बर 2024 को चलाए गए तलाशी अभियान में 109.90 लाख रुपये की नकदी और आभूषण जब्त किए थे। आगे की जांच में पता चला कि कंपनी ने बैंक ऑफ इंडिया से लगभग 42 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाएं (क्रडिट) प्राप्त की थीं। इसके लिए जमानत के तौर पर उन संपत्तियों को बताया, जो उन्होंने पहले से कोटक महेन्द्रा बैंक में गिरवी रखी हुई थीं। जांच के दौरान, यह भी पता चला कि कंपनी के कैश क्रेडिट खातों से बड़ी मात्रा में धनराशि को अन्य सहयोगी कंपनियों और संबंधित संस्थाओं में बिना किसी वैध व्यावसायिक उद्देश्य के स्थानांतरित भी किया और निकाला भी। ईडी ने इसे धनराशि की लेयरिंग और उसका गलत इस्तेमाल माना। इससे पहले ईडी कंपनी और निदेशकों की लगभग 12.62 करोड़ रुपये मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है। इन संपत्तियों में भोपाल जिले की कोलार तहसील में स्थित एक कृषि भूमि और एक व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं।