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बैंक ऑफ इंडिया की मुरैना शाखा में 23 लाख का गबन, ईओडब्ल्यू ने आठ बैंक कर्मचारियों पर की एफआईआर

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भोपाल। बैंक ऑफ इंडिया की मुरैना शाखा में 23 लाख रुपये का गबन करने वाले 23 बैंक कर्मचारियों के विरुद्ध मप्र आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने एफआईआर दर्ज की है। ईओडब्ल्यू मुख्यालय ने इसकी जांच पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू, ग्वालियर को सौंपी थी। 

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में इस मामले की शिकायत बैंक ऑफ इंडिया, भोपाल के उप क्षेत्रीय प्रबंधक ने की थी। वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई शिकायत पर एफआईआर के बाद की गई जांच में पता चला कि बैंक ऑफ इंडिया मुरैना शाखा में 2013 से 2016 तक पदस्थ रहे अधिकारी-कर्मचारी, हैड कैशियर महेन्द्र सिंह बाजौरिया सहित अन्य बैंक कर्मचारी गौरीशंकर राम, रुचि तिवारी, इन्द्रनाथ विश्वास, विकास शर्मा, विकास त्रिवेदी, विजय कुमार मेहता और सौरभ मिश्रा ने 8 खाता धारकों शहनाज बानो, सीमा, ज्ञान देवी, सागर एवं जयोति खान (संयुक्त खाता), श्रीकृष्ण माहौर, रामगोविंद कुलश्रेष्ठ, शांति देवी एवं नत्थीला के खातों से कुल 23 लाख 09 हजार 450 रुपये उन चार फर्जी खातों में डालकर निकाली गई, जिन्हें वास्तविक खातों एवं कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग खोला गया। खाता धारकों को इन फर्जी खातों की कोई जानकारी नहीं थी। 

समय से पहले तोड़ी 8 ग्राहकों की 11 एफडीआर 

ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वास्तविक ग्राहकों के पहचान पत्रों का उपयोग कर उनकी जानकारी के बिना फर्जी बचत खाते खोले और कुछ ग्राहकों के वास्तविक खातों का भी उपयोग किया। कुल 8 खाता धारकों की 11 एफडीआर को उनकी परिपक्वता अवधि एक वर्ष से पहले ही बंद कर दिया। एफडीआर की राशि को फर्जी खातों और कुछ वास्तविक खातों में अंतरित कर जाली वाउचरों से निकाल ली।  

इन बैंक कर्मियों पर हुई एफआईआर 

हैड कैशियर महेन्द्र सिंह बाजौरिया, कर्मचारी गौरीशंकर राम, रुचि तिवारी, इन्द्रनाथ विश्वास, विकास शर्मा, विकास त्रिवेदी, विजय कुमार मेहता और सौरभ मिश्रा के विरुद्ध भादंवि की धारा 420, 409, 467, 468, 471, 120बी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।