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लव-जिहाद के आरोपियों के परिजनों से भोपाल पुलिस अफसरों के संबंध
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो का आरोप
-पुलिस की जांच दिशा ही गलत थी, पुन: जांच के दिए आदेश
भोपाल। राजधानी में तीन महीने पहले सामने आए लव-जिहाद के मामले में भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सवाल खड़े कर दिए हैं। काननूगो ने कहा है कि भोपाल पुलिस की जांच अपर्याप्त है। जांच की दिशा अपराध के संरक्षकों की तरफ होना चाहिए। अत: पुन: जाँच के लिए निर्देश दिए। कानूनगो ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि लव-जिहाद के आरोपियों के परिजनों से भोपाल पुलिस के अधिकारियों के संंबंध हैं। इसके लिए बाकायदा पुलिस अधिकारियों फोटो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए हैं। उन्होंने लवजिहाद की निष्पक्ष जांच के लिए भोपाल पुलिस के अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की है।
प्रियंक काननू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘‘स्कूल कॉलेज में पढऩे वाली हिंदू लड़कियों को लक्षित कर उनको पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगवाना, बलात्कार कर के वीडियो बनाना, वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल कर सामूहिक यौन शोषण करना और फिर इस्लाम में धर्मांतरण का दबाव बनाकर आजीवन के लिए सेक्स स्लेव बना कर रखना। हमारी जांच की फ़ाइंडिंग्स में हमने साफ़ साफ़ लिखा है कि पुलिस की जांच अपर्याप्त है। जाँच की दिशा अपराध के संरक्षकों की तरफ होना चाहिए। अत: पुन: जाँच के लिए निर्देश दिए।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी की सख्ती के बाद दो दिन पहले जिस यास्मीन मछली और शावर को पुलिस में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। उन दोनों के फ़ोन में कथित रूप से 20 से अधिक लड़कियों के पोर्न वीडियो मिले हैं। मुझे फोटो प्रमाण के साथ सूचना मिली है कि यास्मीन का चाचा सोहेल पुलिस के कई अफसरों का दोस्त है। इन अफसरों के भोपाल में रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किए जा रहे हैं।’’
‘मछली’ को पकडऩे में लगे 3 महीने
भोपाल पुलिस को लव जिहाद मामले में यास्मीन और शावर को पकडऩे में 3 महीने लग गए। जबकि लव जिहाद का उजागर होने पर इनके नाम सामने आए थे। साथ ही आरोपियों के चाचा शारिक मछली के पुलिस अधिकारी ही नहीं कई बड़े नेताओं के साथ मधुर संबंध रहे हैं। आरोपियों तक पुलिस को पहुंचने में देरी की यह वजह भी बताई जा रही है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टिप्पणी के बाद से पुलिस की जांच कठघरे में है। इस मामले में भोपाल पुलिस के अधिकारी और पुलिस मुख्यालय के अधिकारी भी बोलने से बच रहे हैं।
आरोपी मंत्री के भी करीबी, सीबीआई से कराएं जांच: पटवारी
लव जिहाद मामले में मप्र कांगे्रस ने उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा परिसर के पास से यासीन नामक व्यक्ति को 100 ग्राम ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। जो मंत्रियों और नेताओं के साथ गहरे संबंध रखता है। पटवारी ने कहा कि यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराधियों से मिलीभगत का पर्दाफाश है। मुख्यमंत्री मोहन यादव को बताना चाहिए कि क्या आरोपी यासीन उनके किसी मंत्री से जुड़ा हुआ है? पटवारी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री तत्काल सफाई दें और दोषी नेताओं को बर्खास्त करें। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने वाली इस साजिश में जो भी शामिल हैं, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो - उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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