अपराध

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लव जिहाद के दो आरोपियों के मकानों पर चला बुलडोजर

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कॉलेज में हिन्दू युवतियों को फंसा दुष्कर्म और लव जिहाद के आरोप  

भोपाल। राजधानी भोपाल में कॉलेज छात्राओं को फंसाकर उनके साथ दुष्कर्म और लव जिहाद के दो आरोपियों साद और साहिल के मकानों पर शनिवार की सुबह बुलडोजर चला। तीसरे आरोपी फरहान के घर पर शनिवार को कार्रवाई नहीं हो सकी। शनिवार को लोक आदालत के चलते न्यायालय में उसकी पेशी पर सुनवाई नहीं हो सकी। 

उल्लेखनीय है कि भोपाल में आरोपी फरहान, साद, साहिल, नबील, अली और अबरार पर निजी कॉलेज की छात्राओं के साथ दुष्कर्म और कन्वर्जन के लिए दबाव बनाने के आरोप हैं। मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही है। गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार मकान तोड़े जाने की कार्रवाई नियमानुसार होगी। पुलिस की मौजूदगी में सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जों को हटाया गया।

प्रशासन ने भेजा था अतिक्रमण का नोटिस 

गोविंदपुरा तहसीलदार सौरभ वर्मा ने पहले ही आरोपियों को नोटिस जारी किए थे और सभी को 4 सितंबर तक कब्जा हटाने का समय दिया गया था। आरोपियों के परिजनों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, इसलिए शनिवार को बुलडोजर चलाकर मकान तोडऩे की कार्रवाई की गई ।

न्यायालय से नहीं रुकी कार्रवाई 

प्रशासन के नोटिस के बाद दोनों आरोपी साद और साहिल के परिजनों ने भी प्रशासन की कार्रवाई रुकवाने के लिए न्यायालय में आवेदन लगाया था, लेकिन आरोपी पक्ष को न्यायालय से स्थगन नहीं मिल सका। तीसरे आरोपी की पेशी शनिवार सुबह 11 बजे होनी थी, लेकिन लोक अदालत के चलते नहीें हो सकी। शनिवार को कार्रवाई से पहले शुक्रवार को ही कार्रवाई स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी। शनिवार सुबह 5 बजे अर्जुन नगर में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। 

दोस्ती कर दुष्कर्म का वीडियो बना करते थे ब्लैकमेल 

लव जिहाद के आरोपी राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को मिली शिकायत के बाद शिकंजे में आए थे।  आयोग को शिकायत मिली थी कि भोपाल के एक निजी कॉलेज में कुछ छात्राओं को पहले दोस्ती के जाल में फंसाया गया, फिर उनके साथ दुष्कर्म किया गया। उनके अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। फिर धर्म बदलने और निकाह करने के लिए दबाव बनाया। पीडि़ता छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने अपनी असली पहचान छिपाकर दोस्ती की थी। आयोग का कहना है कि यह एक सुनियोजित और संगठित अपराध है, जिसमें आरोपियों के दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क हो सकते हैं।